कोरोना वायरस से पहले भी कई महामारी दुनिया को कर चुकी है तबाह

0
11

इस वक्त कोरोना वायरस तेजी से लोगों की जान ले रहा है। इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया गया है। लेकिन इससे पहले भी कई महामारी शुरू हुई।

दुनियाभर में कोरोना वायरस ने कहर बरपाया हुआ है। तेजी से फैसले इस जानलेवा वायरस ने लोगों को डराया हुआ है। बड़े से बड़े देश ने इस वायरस के सामने हाथ खड़े कर दिए हैं। लोग इससे बचने के लिए घरों में कैद हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोरोना वायरस के अलावा भी कई वायरस हैं जिनकी वजह से लोग बीमारियों का शिकार होते हैं? अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको वायरस और उससे होने वाली बीमारियों के बारे में बताते हैं।

वायरस (विषाणु) क्या है…

वायरस एक पौधे के बीज की तरह अकोशिकिय सूक्ष्म जीव है। जिस तरह बीज बिना पानी, हवा, मिट्टी के हजारों सालों तक सुरक्षित रह सकता है। उसी तरह अगर विषाणु को अगर जीवित कोशिका नहीं मिलती तो वह भी कई वर्षों तक सुशुप्तावस्था में पड़ा रह सकता है। वायरस प्रोटीन कोट से ढाका हुआ न्यूक्लिक एसिड का एक अणु है। यह संक्रमण फैलाने में सक्ष्म है और इसे हम हल्के माइक्रोस्कोप से नहीं देख सकते और यह मेजबान (शरीर) की जीवित कोशिकाओं में खुद को मल्टीप्लाई  करने में सक्षम होता है। वायरस से इंसान के शरीर में कई तरह के रोग उत्पन्न हो सकत हैं।

वायरस से होने वाले रोग

इंसान के शरीर में वायरस की वजह से कई प्रकार के रोग हो सकते हैं। इसमें चेचक चिकन पॉक्स, सामान्य सर्दी जुकाम, इन्फ्लूएंजा, मीजल्स, पोलियो, रेबीज, इबोला हेमोरेजिक बुखार, जेनाइटल हर्पीस, एड्स जैसी कई बीमारी वायरस के चलते होती हैं। वहीं कुछ तरह के कैंसर भी वायरस के चलते हो सकते हैं।

कोरोना से पहले भी वायरस ने मचाया हाहाकार

इस वक्त कोरोना वायरस तेजी से लोगों की जान ले रहा है। इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया गया है। लेकिन इससे पहले भी कई महामारी शुरू हुई। जिसने भारी संख्या में लोगों को मौत के मुंह में भेजने का काम किया। बताया जाता है कि स्पेनिश फ्लू नाम की इस महामारी से 5 से 10 करोड़ के बीच लोगों की जान गई थी। सौ साल पहले प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान यह महामारी पश्चिमी मोर्चे पर स्थित छोटे और भीड़ वाले सैन्य प्रशिक्षण शिविरों में शुरु हुई।

कोरोना वायरस से बढ़ा मौत का आकड़ा, भारत में आकड़ा 72 पार

एंटोनिन प्लेग (The Antonine Plague) ने भी दुनिया में तबाही मचाई। इस बीमारी से लगभग पांच मिलियन लोग मारे गए थे। इसने सबसे ज्यादा जर्मनी को संक्रमित किया था। वहीं ब्लैक डेथ (The Black Death) के प्रकोप से 1346 से 1353 तक यूरोप, अफ्रीका और एशिया में 75 से 200 मिलियन लोगों की मौत का अनुमान लगाया जाता है। एशियन फ़्लू (Asian Flu) 1956 में चीन से शुरू हुआ और 1958 तक चला। इसकी वजह से भी लोग काफी संख्या में प्रभावित हुए। जीका वायरस  (Zika Fever) ने भी भारत समेत कई देशों को अपने चपेट में लिया था। यह वायरस मच्छरों से फैलता है। यह एक प्रकार का एडीज मच्छर ही है, जो दिन में सक्रिय रहते हैं।

AB STAR NEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है