अफवाहों की भेंट चढ़ा ईरान

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नीट एल्कोहल पीने से ईरान में 600 की मौत

जानकारी अगर सही हो तो संजीवनी और गलत हो तो विष के समान फैल जाती है। कोरोना महामारी से पूरी दुनिया में कोहराम मचा है। तो वहीं आए दिन सोशल मीडिया अथवा कुछ लोगों की गलत जानकारी और अफवाह के कारण दुनिया की मुसीबत और भी अधिक बढ़ जाती है। कभी कोरोना की दवा और वैक्सीन के लिए तरह-तरह के टिप्स वायरल कर दिए जाते हैं तो कभी लॉकडाउन के संबंध में अफवाह फैलाकर भीड़ एकत्र कर दी जाती है। इन अफवाहों का खामियाज़ा जान देकर भी चुकाना पड़ सकता है। कुछ ऐसा ही अफवाहों पर बिना पुष्टि यकीन करने का खामियाजा ईरान को भुगता पड़ा है जहां अफवाहों ने 600 लोगों की जान ले ली।

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कोरोना की दवा के रूप में नीट पीने की अफवाह ने 600 को निगला

ईरान में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण अब तक करीब 3872 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों की संख्या में लोग संक्रमित हैं। वहीं कोरोना की जंग के बीच अफवाहों ने भी ईरान पर हमला कर दिया। दरअसल ईरान में एक अफवाह बड़ी तेजी से वायरल हुई जिसमें बताया गया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए नीट एल्कोहल सबसे उपयुक्त है। इस अफवाह को गंभीरता से लेते हुए इस पर जल्द ही अंकुश नहीं लगाया गया जिसका खामियाज़ा 600 लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा और न जाने कितने लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। माना जा रहा है कि मौत का आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है।

अफवाहों की भेंट चढ़ा ईरान

ईरान सरकार के न्यायिक प्रवक्ता ने नीट से मौत पर दिया बयान

ईरान सरकार के न्यायिक प्रवक्ता गुलाम हुसैन एस्मेली ने बयान जारी करते हुए कहा कि शराब का सेवन कोरोना का इलाज बिल्कुल नहीं है। ये मात्र एक अफवाह है। एक अफवाह से इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाएगी, इसका अंदाजा भी नहीं था। ईरान के कई राजनेताओं ने जिम्मेदार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के मुताबिक इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।

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ईरान के राष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से इमरजेंसी फंड की अपील की

कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से 5 अरब डॉलर इमरजेंसी फंड देने की मांग की है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी जिम्मेदारी बिना किसी भेदभाव के निभाएं। इसके साथ ही ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अमेरिकी प्रतिबंधों को आर्थिक और मेडिकल आतंकवाद बताया।

ईरान की संसद में पूर्ण लॉकडाउन न करने का फैसला

जहां एक तरफ ईरान में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण मौतों का सिलसिला जारी है। वहीं ईरानी संसद की बैठक में पूर्ण रूप से लॉकडाउन न करने का फैसला लिया गया है। बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म होने और देश की उतत्पादकता पर नकारात्मक असर पड़ने का हवाला देकर संसद में पूर्ण रूप से लॉकडाउन न करने का फैसला लिया गया। फिलहाल कोरोना वायरस के बीच नीट एल्कोहल पीने से हुई 600 लोगों की मौत ने ईरान की चिंता को बढ़ा दिया है।

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