इंटरनेशल कोर्ट ऑफ ज्यूरिस्ट ने चीन पर लगाया कड़ा जुर्माना, पूछे सवाल

चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस ने दुनिया भर में अपना आंतक मचा दिया हैं। जिससे दुनिया में सभी देशों को काफी नुकसान हो रहा हैं।

इस समय दुनियाभर में चीन खलनायक के तौर पर बदनाम हो चुका है। चीन से फैले कोरोना वायरस से दुनियाभर में हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो चुकी हैं। तो वहीं अगर चीन के खिलाफ कार्रवाई संभव हो सके तो चीन को अपने षड्यंत्र के लिए कुछ सीमा तक सजा मिल सकती है। आपको बता दें कि संक्रमण से अब तक दुनिया भर में करीब साठ हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है। चीन को सजा मिलने पर कुछ हद तक उन लोगों को इन्साफ मिलेगा जो आज दुनिया में कोरोना के कारण नहीं हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या ये संभव हैं….

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चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस ने दुनियाभर में अपना आंतक मचा दिया हैं। जिससे दुनिया में सभी देशों को काफी नुकसान हो रहा हैं। हर देश के वैज्ञानिक इसका तोड़ निकालने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। तो वहीं कहा जा रहा है कि आने वाले समय में कोरोना का इलाज में वैज्ञानिकों के सफलता हासिल होने की संभावना हैं। तो वहीं दुनियाभर में कोरोना के कहर से अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कोरोना वायरस फैलाने वाले चीन पर कड़े अर्थ दंड की मांग की है। इन्टरनेशल कोर्ट ऑफ ज्यूरिस्ट ने और इसे अप्रैल 2020 की सबसे बड़ी खबरों में से एक माना जा सकता है, आईसीजे ने संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद से कोरोना वायरस फैलाने के लिए चीन पर ‘कड़ा’ जुर्माना लगाने की मांग की है। इस समय कोरोना वायरस के कारण सभी देशों की आर्थिक हालत खराब हो चुकी है। तो वहीं देश की महाशक्ति कहे जाने वाले देश अमेरिका ने भी कोरोना वायरस की दहशत के आगे घुटने टेक दिए हैं।

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बता दें कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से लंदन की इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट ने अपील की है। इस अपील में काउंसिल ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि चीन पर मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध करने के लिए कड़ा अर्थ दण्ड लगाया जाए। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से काउंसिल ने साफ़ साफ़ शब्दों में चीन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना वायरस महामारी एक साजिश है जोकि बीजिंग की साजिश है। इस केवल एक ही मकसद है। चीन को महाशक्ति बनाने का है। तो वहीं इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ ज्यूरिस्ट के प्रेसीडेन्ट ने कोरोना से हुए वैश्विक नुकसान की बारे में बात की। आईसीजे चीफ आदिश सी. अग्रवाल ने कहा कि चीन ने से सबकुछ जानबूझ कर किया हैं। कोरोना वायरस को फैलने से नहीं रोका जिस कारण पूरी दुनिया में मंदी आ गई और अभी दुनियाभर में खरबों डॉलर का नुकसान हो चुका है। इसके अलावा भारत में और दुनियाभर के बाकी देशों में कोरोना के कारण लाखों लोगों की रोजगार छीन गई हैं।

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चीन से एक प्रश्न करते हुए आईसीजे मुखिया ने कहा, कि “यह प्रश्न अपने आप में वो रहस्य है जो जाहिर करता है कि चीन ने साजिश की है। अग्रावल ने चीन से प्रश्न किया कि क्या ऐसा कारण था जिससे कोरोना का घातक वायरस चीन के दूसरे राज्यों में नहीं फैला लेकिन सारी दुनिया में फ़ैल गया?” इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ ज्यूरिस्ट ने संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा स्थित मानवाधिकार संगठन से इस बात की मांग की है कि वह अपने वैश्विक मंच से उस जानलेवा वायरस को फैलाने के लिए चीन और उसकी सेना के साथ कोरोना के गढ़ वुहान को दोषी ठहराए। जिसके कारण दुनियाभर में लोगों को जुझना पड़ रहा है।

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