आखिर क्यों कोरोना ने चीन के वुहान से ज्यादा इटली में मचाई तबाही

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कोरोना वायरस ने साबित कर दिया कि चाहे देश कोई भी हो अगर उसने इस वायरस को हल्के में लेने की भूल की तो अंजाम भयानक होंगे।

कोरोना वायरस ने हर देश को डराया हुआ है। चीन के वुहान शहर ने इस वायरस को पैदा किया है। लेकिन इसने सभी देशों को अपनी चपेट में ले लिया। वुहान के बाद उस वायरस ने इटली में सबसे ज्यादा कहर बरपाया, यहां वुहान से ज्यादा लोगों की मौतें हुई। जिसने दुनिया को और भी ज्यादा डरा दिया।

शंघाई में क्यों नहीं है कोरोना वायरस से संक्रमित लोग, जाने यहां…..

इसने यह साबित कर दिया कि चाहे देश कोई भी हो अगर उसने इस वायरस को हल्के में लेने की भूल की तो अंजाम भयानक होंगे। लोगों के मन में यह सवाल सबसे पहले है कि वुहान से यह वायरस इटली कैसे पहुंचा और यहां चीन से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में कैसे आये। जहां चीन इस वायरस पर काफी हद तक काबू पाने में कामयाब हुआ है वहीं इससे अलग इटली में इस वायरस से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इटली में जहां मरने वालों की संख्या 16 हजार के पार पहुच गई है वहीं एक लाख तीस हजार के करीब लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

इटली में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है

एक वायरस की तरह से किसी देश को घुटने पर लाकर खड़ा कर सकता है इसका अंदाजा इटली को देखकर लगाया जा कता है। इटली में करीब 6 करोड़ आबादी है, बुजुर्गों की संख्या के मामले में इटली का दूसरा नंबर है। सबसे ज्यादा कोरोना वायरस बुजुर्गों को ही अपनी चपटे में ले रहा है। वहीं जब इटली में कोरोना वायरस के मामले आने शुरू हुए थे तो लापरवाही देखने को मिली थी।

चीन से ज्यादा हुए इटली में कोरोना के मरीज

यहां इस बात का जानना जरूरी है कि चीन और इटली में ऐसा क्या रिश्ता है जो चीन से ज्यादा इटली में लोगों इससे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। ऐसे में हम आपको बताना चाहेंगे कि इटली में फैशन का बड़ा उद्योग है और इटली चीन से कपड़ों की सप्लाई लेता है। वहीं इटली के फैशन हाउस में काफी संख्या में चीन मजदूर काम करते हैं जिनमें वुहान के लोग ज्यादा हैं। तो ऐसे यह वायरस चीन से इटली पहुंचा और यहां इसने तबाही मचाई।

कोरोना वायरस का पता देरी से लगा

इटली के लोम्बार्डी में 20 फरवरी 2020 को आधिकारिक तौर पर कोविड-19 का पहला मामला सामने आया था। यहां 38 साल के एक व्यक्ति को कोरोना से स्क्रमित पाया गया था। इटली में डॉक्टरों का मानना है कि इस वायरस ने इटली में बहुत पहले ही दस्त के दी थी। लेकिन इसकी पुष्टी देरी से हुई। जिस वजह से इटली में लाशों के ढेर लग गए। इटैलियन नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ में डिपार्टमेंट ऑफ इंफ़ेक्शियस डिज़ीज़ के एक शोधकर्ता के मुताबिक ‘ इटली में कोरोना वायरस ठीक उसी दौरान आया था जब हम इंफ़्लुएंजा के सबसे खराब दौर से जूझ रहे थे। जिसके कारण हम कोरोना वायरस के लक्षणों को सही से पहचान नहीं पाए।

इटली में कोरोना के शुरूआती दौर में हुई लापरवाही

इटली में कोरोना वायरस को लेकर सरकार तब सख्त हुई जब यहां वायरस छठी  स्टेज पर पहुंच चुका था। इससे पहले यहां ना तो लोगों के मार्केट जाने पर पाबंदी थी और ना ही सरकार इस वायरस की तरफ ज्यादा ध्यान दे रही थी। लेकिन कोरोना के 6 स्टेज पर आने के बाद सरकार को मदबूरी में इटली में लॉकडाउन लगाना पड़ा। इटली में फिलहाल सुपर मार्केट और फार्मेसी खुली है। यहां इसके अलावा सब कुछ बंद है। वहीं अगर कोई इटली में बेवजह घूमना अपराध है। यहां चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात और अगर कोई बाहर घूमता दिखता है तो पुलिस उसपर जुर्माना लगाकर जेल भेज देती है। इटली में सरकार ने सख्ती दिखाने में देरी की जिस वजह से यहां सबसे ज्यादा लोगों की मौते देखने को मिली।

इटली ने अर्थव्यस्था बचाने के चक्कर में दफ्तरों को बंद नहीं किया

अपने लालाच की वजह से इटली ने व्यवसाय और दफ्तरों को कोरोना को बंद नहीं किया। जिस वजह से इस वायरस के फैलाव में मदद मिली और यह तेजी से लोगों को अपना शिकार बनाने लगा। जब इटली में कोरोना वायरस के मामले बढ़े तो तब जाकर यहां के प्रशासन की नींद खुली लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। संक्रमण फैलने के बाद यहां तेजी से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। अस्पतालों में बैड कम पड़ने लगे। डॉक्टर, नर्स और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र भी कोरोना से पीड़ित लोगों की जान बचाने में लग गए।

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