कोरोना वायरस ने मचाया दुनियाभर में कोहराम, ब्रिटेन में बढ़ी मरने वालों की संख्या

कोरोना वायरस से हर दिन हजारों परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इस वायरस के कारण दुनिया भर में 88000 से अधिक मौतें हुई हैं

Corona (कोरोना) का डर अब दुनिया भर में कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आज इस Virus (वायरस) का कहर दुनिया के हर कोने में इतना फैल चुका है कि इसने लोगों के दिलों में एक रोष पैदा कर दिया है। इस वायरस ने महामारी का रूप लेना भी शुरू कर दिया है। इस वायरस से हर दिन हजारों परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इस वायरस के कारण दुनिया भर में 88000 से अधिक मौतें हुई हैं। यही नहीं, इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लाखों में पाई गई है। दुनिया भर में अभी भी कई ऐसे देश है, जहां मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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एक दिन में 938 मरीजों की मौत

Britain (ब्रिटेन) में Coronavirus (कोरोना वायरस) के कारण 938 मरीजों की मंगलवार को मौत हो गई। इस तरह देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 7,097 हो गई है। हालांकि, नेशनल हेल्थ सर्विस के मेडिकल डायरेक्टर स्टीफन पॉविस का कहना है कि नए संक्रमित मामलों की संख्या में कमी के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। लेकिन ब्रिटेन के नागरिकों को भौतिक दूरी का पालन करते रहना होगा क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वायरस फिर से फैलने लगेगा।

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आज लॉकडाउन की समीक्षा की जाएगी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्री ऋषि सनक ने कहा कि डोमिनिक राब प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन की अनुपस्थिति में गुरुवार को सरकार की प्रतिक्रिया बैठक (COBRA) की अध्यक्षता करेंगे। इसमें लॉकडाउन के प्रभावों की समीक्षा की जाएगी। यह समीक्षा वैज्ञानिक तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर की जाएगी। यह ज्ञात है कि 23 मार्च को, जॉनसन ने 21-दिवसीय अर्ध तालाबंदी की घोषणा की।

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हर दिन एक लाख परीक्षण का लक्ष्य

ब्रिटेन ने अप्रैल के अंत तक हर दिन एक लाख कोरोना वायरस का जांच करने का लक्ष्य रखा है। धीमी गति से इस मुद्दे पर काम करने के लिए आलोचना का सामना करने के बाद ब्रिटिश सरकार ने यह निर्णय लिया है। इस काम में निजी कंपनियों की मदद भी ली जाएगी। मंगलवार को इंग्लैंड के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस संदर्भ में जर्मनी से सबक सीखने की बात कही थी। ब्रिटेन के एक अधिकारी ने बुधवार को यह भी कहा कि सरकार ‘एंटीबॉडी टेस्ट’ किट के लिए पैसे निकालने पर विचार कर रही है क्योंकि ये परीक्षण सही साबित नहीं हुए हैं।

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