आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक पर एनपीए और बैलेंसशीट में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने सख्ती बरती है।

देश इन दिनों भारी समस्या से जूझ रहा है एक ओर कोरोना का प्रकोप और दूसरी ओर यस बैंक का संकट लोगों पर कहर बनकर टूटा है। आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक पर एनपीए और बैलेंसशीट में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने सख्ती बरती है। जिसमें आरबीआई ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले यस बैंक के चेयरमैन राणा कपूर को हटाया। तो वहीं अब आरबीआई ने यस बैंक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए यस बैंक के ग्राहकों के लिए 50 हजार रुपये निकालने की सीमा तय कर दी है। जिसका सीधा सा मतलब है कि अब ग्राहक अपने सेविंग्स, करंट और अन्य अकाउंट खाते से एक महीने में सिर्फ 50 हजार रुपये ही निकाल सकेंगे।

आरबीआई का बयान

आरबीआई ने कार्रवाई करने से पहले अपने बयान में कहा कि केंद्रीय बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि विश्वसनीय पुनरोद्धार योजना के अभाव, सार्वजनिक हित और बैंक के जमाकर्ताओं के हित में उसके सामने बैंकिंग नियमन कानून, 1949 की धारा 45 के तहत रोक लगाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। आरबीआई की इस कार्रवाई के बाद देशभर में यस बैंक के खाताधारकों में हड़कंप मच गया है। आलम ये है कि यस बैंक के एटीएम के बाहर लोगों की लंबी लंबी कतारें देखी जा रही है। लेकिन यहां सवाल ये उठता है कि आखिर आरबीआई ने यस बैंक पर इतनी बड़ी कार्रवाई कैसे और क्यूं की और आखिर कब आरबीआई को यस बैंक में हो रही गड़बड़ी पर शक हुआ।

Yes Bank : इमरजेंसी की स्थिति में क्या करें बैंक के खाताधारक जानिए

क्या है पूरा मामला ?

अगर यस बैंक के इतिहास पर नजर डालें तो आपको समझ में आएगा कि आरबीआई को ये शक क्यों हुआ। यस बैंक ने अपना सफर छोटे से बैंक से शुरू किया था। जो धीरे-धीरे पिछले कुछ सालों में ही 3 लाख करोड़ की एसेट वाली कंपनी बन गई। इस दौरान यस बैंक ने देश के कई कंपनियों को लोन दिया। यस बैंक ने उन कंपनियों को भी लोन दिया जिन्हें कोई दूसरा बैंक लोन नहीं दे रहा था। उन कंपनियों का वित्तीय लेनदेन साफ नहीं था। जिसमें एलएंडएफएस, दीवान हाउसिंग, जेट एयरवेज, कॉक्स एंड किंग्स, सीजी पावर और कैफे कॉफी डे जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों में यस बैंक ने अपनी आर्थिक हालत सुधारने के बहुत प्रयास किये लेकिन वो ऐसा करने में सफल नहीं हो सका। जिसके चलते मौजूदा समय में भी यस बैंक की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते हैं