आज दीपक जलांएगे-कोरोना को हराएगे, दीपक से खत्म होगे सारे जीवाणु जानिए कैसे

प्रधानमंत्री की अपिल पर आज रात नौ बजे, नौ मिनट देश के नाम। दीपक से मरेगें सारे जीवाणु।

3 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने पूरे देश से एक वीडियों के जरिए अपील की थी। कि 5 तारिख को रात 9 बजे केवल 9 मिनट कोरोना के खिलाफ, घरों के बाहर दीयों का प्रकाश फैलाने की अपिल की थी। ये 9 मिनट मानो दिवाली मनाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने ये आह्वान 130 करोड़ भारतवासियों से किया था। लेकिन क्या आपको पता है दीपक से होगा क्या? इससे पहले भी प्रधानमंत्री की अपील पर देशवासियों ने घंटी-घंटा-थाली-ताली-शंख से उत्पन्न भारतीयता की अजेय इच्छाशक्ति का परिचय दिया था। जिससे विश्व के कई देश अपना रहे हैं। तो वहीं आज जब घर-घर ‘दिवाली’ मनेगी और देश दीयों से जगमगा उठेगा, तब वह उत्साह और आत्मबल का प्रतीक वह प्रकाश कोरोना पर निश्चित ही भारी पड़ेगा।

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वैसे भी कहा जाता है-

दीपं ज्योति परम् ज्योति, दीप ज्योतिर्जनार्दन:। दीपो हरतु मे पापम् , दीपज्योतिर्नमोस्तुते।।

शुभम् करोति कल्याणम् आरोग्यम् धन सम्पदा शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योति नमोस्तुते।।

इस श्लोक में कहा गया है कि दीप शुभ, मंगल और कल्याण का कारक माना जाता है। दीपक जलाने से रोगों से मुक्ति मिलती हैं, वातावरण स्वच्छ होता है, हवा हल्की होती है। ऐसा केवल हमारे प्राचीन ज्ञान ही नहीं देश के श्रेष्ठ विज्ञान संस्थानों के केमिकल इंजीनियरों का भी यही कहना है। कि सरसों के तेल में मैग्नीशियम, ट्राइग्लिसराइड और एलाइल आइसो थायोसाइनेट होता है। जोकि जीवाणुओं को मारते हैं। बता दें कि इसमे एलाइल होता है जो जलने पर कीट-पतंगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। उसके पास आते ही लौ की चपेट में आकर जल जाते हैं।

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तेल में मौजूद मैग्नीशियम हवा में मौजूद सल्फर और कार्बन के आक्साइड के साथ क्रिया कर सल्फेट और कार्बोनेट बना लेता है। यह विषैले भारी तत्व इस तरह जमीन पर आ गिरते हैं। इसीलिए जले दीपक के आसपास आमतौर पर हल्की सफेद राख सी दिखती है। इन तत्वों के गिरने से हवा साफ हो जाती हैं। और सांस लेने में परेशानी नहीं होती हैं। देसी गाय के दूध से निर्मित घी जलाने से दीपक रोगाणुओं को मारता है। इसके साथ ही डॉक्टरों का मानना है कि वातावरण साफ और खुशनुमा रहने से इम्यून सिस्टम बेहतर रहता है और व्यक्ति रोगों से दूर रहता हैं। अगर दिवाली की बात करें तो नरक चतुर्दशी के दिन कूड़े के ढेर और नाली के मुहाने पर और दिवाली पर घर-बाहर हर जगह दीपक रखा जाता है।

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