श्रीराम से नही कोरोना से डरा आज का रावण

कोरोनावायरस की वजह से उत्तर प्रदेश के मथुरा में 175 सालों से चली आ रही रामलीला मंचन की परंपरा इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण टूट जाएगी। जिला प्रशासन ने शहर की मुख्य रामलीला की आयोजनकर्ता संस्था श्रीराम लीला सभा को इस बार कोविड-19 नियमावली के निर्देशों के मद्देनजर मंचन की इजाजत नहीं दी है।

एक तरफ जहां रामलीला शुरू होने के पहले से ही इसकी तैयारियां शुरू हो जाती थीं। लेकिन इस बार कोरोनावायरस ने सब पर पानी फेर दिया है। न पहले जैसी रौनक होगी न ही हर बार की तरह मेला लगेगा। मेले की रौनक तो भीड़ से होती थी लेकिन इस बार ऐसा कुछ देखने को नही मिलेगा। इससे काफी लोगो के रोज़गार पर भी असर पड़ेगा। मिठाई की दुकाने सुनी रहेंगी। खिलौने, गुब्बारे बेचने वाले भी खाली हाथ रह जायेंगे।

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श्रीराम लीला सभा ने इस बार कुछ विशेष लीलाओं का मंचन करके किसी तरह परंपरा को बरकरार रखने की कोशिश करने का निर्णय लिया है। इस सभा के अध्यक्ष लाला जयंती प्रसाद अग्रवाल का कहना है की, “मथुरा में इस बार श्रीराम बारात नहीं निकलेगी और न ही जनकपुरी सजेगी जबकि रामलीला मंचन के दौरान राम-रावण युद्ध के अलावा यही दो लीलाएं ऐसी होती हैं जिसमे दर्शनको के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।” उन्होंने बताया कि कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से सरकार ने बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लगा रखा है जिसकी वजह से सभा ने इस वर्ष आयोजन नहीं करने का फैसला किया है। यह पहला मौका होगा जब 175 सालों से लगातार मंचित हो रही रामलीला का इस बार सार्वजनिक मंचन नहीं होगा।

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