कोरोना संकट: संसद सत्र जल्दी खत्म होने से अच्छा संदेश नहीं जाएगा: PM Modi

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बजट सत्र के दूसरे कार्यकाल के दौरान कोरोना के खतरे को लेकर सांसदो द्वारा सत्र को जल्द खत्म करने की मांग पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा करने से देश के लोगों में गलत संदेश जाएगा।

देशभर में फैले कोरोना के खतरे को लेकर संसद में भी आवाज उठने लगी है। इस वायरस के बढ़ते प्ररोप को देखते हुए संसद के बजट सत्र को सांसदों द्वारा जल्द खत्म करने की मांग की जा रही है। सत्र को जल्दी खत्म को लेकर कांग्रेस और तमाम विपक्षी दल के साथ-साथ एनडीए के कुछ सहयोगी दलों ने भी इसकी मांग की। हालाकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे सहमत नहीं है। उनका मानना है कि ऐसा करने से देश में गलत संदेश जाएगा।

दरअसल, पीएम मोदी मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उन सभी अटकलों पर से पर्दा उठा दिया, जिसमें संसद के वर्तमान बजट सत्र को 3 अप्रैल के तय समय से पहले खत्म करने की बात की जा रही थी। पीएम मोदी ने अपने संबोंधन में साफ लहजे में कह दिया कि सत्र को जल्दी खत्म करने से देश में घबराहट का माहौल पैदा हो सकता है। ऐसा करने से देश के लोगों में गलत संदेश जाएगा। मोदी ने कहा कि आज ज़रूरत जागरूकता और ऐहतियात की है, न की घबराहट की।

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पीएम मोदी ने अपने संबोधन में माना कि भारत के लिए कोरोना वायरस एक बहुत बड़ी चुनौती है, क्योंकि संसाधनों के मामले में भारत में कई समस्याएं हैं। ऐसे में कोई भी सरकार जो किसी देश का प्रतिनिधित्व करता है, वो चुनौती से भाग नहीं सकता है। पीएम ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यहा सभी सांसद अपने क्षेत्र के लीडर हैं, इसके तहत उन्हें उदाहरण भी पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी सांसद 130 करोड़ देशवासियों में से ही आते हैं और इस नाते जो उनके साथ होगा, वही हम सबके साथ होगा।

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इस दौरान पीएम मोदी कोरोना की गंभीरता को देखते हुए अपने सभी सांसदों को कहा कि वे 14 अप्रैल तक सजग रहे। बीजेपी के संसदीय दल की बैठक में मौजूद राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को पीएम मोदी ने निर्देश देते हुए विपक्षी शासन वाले राज्यों में चल रहे पार्टी के सभी आंदोलनों को भी 15 अप्रैल तक रद्द करने को कहा है। पीएम ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़े, तो अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपनी बात कह सकते हैं।

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