अब डीएम और एसपी कसेंगे कोविड-19 पर शिकंजा

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कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के बीच अब डीएम और एसपी को कोविड-19 के रोकथाम की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार द्वारा देशभर में लॉकडाउन की घोषणा की गई ताकि लोग घरों में ही रहें और कोरोना इन्हें अपना शिकार ना बना पाए अपना शिकार ना बना पाए बना पाए। लेकिन लॉकडाउन के बाद भी लोग बड़ी संख्या में अपने-अपने गांव की ओर पलायन कर चुके हैं। जिससे सरकार की परेशानी दोगुनी हो गई है। ऐसे में अब सरकार ने एक बार फिर हालात पर अपनी पकड़ बनाने के लिए कमर कस ली है।

बता दें, बिगड़ी स्थिति पर अपनी पकड़ बनाने के लिए केंद्र ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) और सीनियर सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) को जिम्मेदारी सौंपते हुए ये निर्देश दिए हैं कि अब डीएम और एसपी सभी जिला और राज्य की बॉर्डर (सीमाओं) को बंद यानी सील कर दें और पलायन करके लौट रहे लोगों को स्थानीय लोगों के  संपर्क में आने से रोक दें। इसके अलावा सरकार ने आदेश देते हुए कहा कि जो मजदूर अपने घर से गांव और कस्बे की ओर निकल चुके हैं उनके की ओर निकल चुके हैं उनके ओर निकल चुके हैं उनके लिए गांव से दूर कहीं रहने, खाने-पीने की व्यवस्था की जाए।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश देते हुए कहा है, “पलायन कर घर लौट रहे लोगों की कोविड- 19 के तहत पूरी स्क्रीनिंग करे और उन्हें हेल्थ प्रोटोकॉल के तहत अगले 14 दिनों तक सरकारी क्वॉरेंटाइन सुविधा केंद्रों में ही रखे”। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है, “वैसे तो पलायन करने वाले इन मजदूरों में विदेश यात्राओं से लौटे लोगों की तुलना में इस वायरस के कैरियर बनने की आशंका बहुत कम ही है। लेकिन सभी की गहन जांच होना जरूरी है क्योंकि कुछ लोग इनमें भी संक्रमित हो सकते हैं”।

मीडिया से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के जॉइंट सेक्रटरी लव अग्रवाल से जब यह पूछा गया कि “जब मजदूर इतनी बड़ी संख्या में पलायन कर रहे थे तो क्या सरकार को इसकी जरा भी जानकारी नहीं थी?” इस सवाल के जवाब में लव अग्रवाल ने कहा, “कोरोना वायरस (कोविड- 19) के वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर फैलने की यह स्थिति अभूतपूर्व है। इस बीच केंद्र ने स्थिति पर हर संभव नियंत्रण में लाने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।” बता दें, मजदूरों के इस पलायन की सबसे बड़ी वजह उनके कामकाज पर 21 दिनों तक ब्रेक लगना था।

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आला अधिकारियों पर गाज

बता दें, दिल्ली में लॉकडाउन का ठीक से पालन नहीं कराने पर कई आला अधिकारियों पर गाज गिरी है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ट्रांसपोर्ट) रेणु शर्मा और प्रिंसिपल सेक्रेटरी (फाइनेंस) राजीव वर्मा को दिल्ली सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है तो वहीं, प्रिंसिपल सेक्रेटरी सत्य गोपाल और सीलमपुर के एसडीएम को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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