9 महीने में सबसे सस्ता हुआ पेट्रोल

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 18 साल के निचले स्तर पर पहुंचा कच्चे तेल का भाव, भारत में अब भी 10.51 रुपये लीटर कच्चा तेल, कब घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

कोरोना के कहर के आगे तेल बाजार पस्त हो चुका है। बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 18 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। जबकि भारतीय वायदा बाजार में कच्चे तेल की कीमत 1,672 रुपये प्रति बैरल यानी 10.51 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। वहीं अब लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।

शेयर बाजार पर कोरोना का कहर, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार गिरावट

MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर रात 10.03 बजे कच्चे तेल के मार्च अनुबंध में पिछले सत्र से 400 रुपये यानी 190.9 फीसदी की गिरावट के साथ 1,695 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले भाव 1,672 रुपये प्रति बैरल तक गिरा. एक बैरल में 159 लीटर कच्चा तेल होता है. इस प्रकार एक लीटर कच्चे तेल का दाम में देश में 10.51 रुपये होगा। ICE (इंटरकांटिनेंल एक्सचेंज) पर ब्रेंट क्रूड के मई अनुबंध में पिछले सत्र से 3.21 डॉलर यानी 11.17 फीसदी की गिरावट के साथ 25.52 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था जबकि इससे पहले ब्रेंट का भाव 25.33 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा जो 2003 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

आगे भी गिरावट की संभावना

वहीं, न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज (नायमैक्स) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव 4.47 डॉलर यानी 16.36 फीसदी की गिरावट के साथ 22.86 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था, जबकि इससे पर डब्ल्यूटीआई का भाव 22.59 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा. बाजार के जानकारों ने बताया कि कोरोना वायरस के प्रकोप से कच्चे तेल की मांग घटने और तेल बाजार की हिस्सेदारी को लेकर छिड़ी कीमत जंग के कारण कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है।

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