कोरोना संकट: देश में 21 दिन के लॉकडाउन में नियम तोड़ने वालों को 2 साल तक की जेल

कोई व्यक्ति अगर लॉकडाउन के नियमों को नहीं मानता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के सेक्शन 51 के तहत कार्रवाई होगी।

आज कोरोना वायरस ने किसी को डराया हुआ है। चाहे वो अमेरिका हो या फिर चीन, इटली। सभी देशों ने इस खतरनाक वायरस के फैलाव को रोकने के लिए दिन रात एक कर दी है। भारत में कोरोना वायरस के चलते 21 दिनों तक लॉकडाउन कर दिया गया है। जिस वजह से कोई भी व्यक्ति बेवजह घर से बाहर नहीं निकल सकता। अगर कोई घर से बाहर फालतू के कामों के लिए निकलता भी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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पीएम नरेद्र मोदी मंगलवार रात 8 बजे देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है। भारत सरकार ने 21 दिनों के लिए घर में ही रहने के लिए कहा गया है। ऐसे में अगर कोई घर से बाहर निकलता है तो उसपर जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर 21 दिनों के इस लॉकडाउन के नियमों को कोई तोड़ता है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है।

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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। ऐसे में अगर 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान कोई व्यक्ति इसके नियमों को नहीं मानता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के सेक्शन 51 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें सजा और जुर्माना दोनों शामिल है। नियमों को तोड़ने वाले पर 200 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी के साथ 1 महीने की कैद भी हो सकती है। वहीं अगर व्यक्ति के नियम तोड़ने से दंगे जैसी स्थिति पैदा होती है तो सजा को बढ़ाकर 6 महीने भी किया जा सकता है। वहीं अगर किसी व्यक्ति की वजह से किसी की जान जाने कि स्थिति बनती है या फिर खतरा पैदा होता है तो ऐसे में दोषी की सजा को 2 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

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