कोरोना की भविष्यवाणी के बाद एक और भविष्यवाणी

2003 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले माइकल लेविट ने चीन में महामारी के विनाशकारी प्रकोप की भविष्यवाणी की थी।

जिस कोरोना वायरस से पूरी दुनिया दहशत में है क्या उस महामारी से भारी संख्या में होने वाली मौत के बारे में पहले से कोई जानता था ? इस सवाल के जवाब में हम आपको बताएंगे उस शख्स के बारे में जिसकी भविष्यवाणी सच साबित हुई। ये शख्स है स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के बायोफिजिसिस्ट और नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल लेविट। 2003 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले माइकल लेविट ने चीन में महामारी के विनाशकारी प्रकोप की भविष्यवाणी की थी। माइकल के बाद कई अन्य हेल्थ एक्सपर्ट्स ने भी चीन में महामारी की भविष्यवाणी के संकेत दिए थे। कोरोना वायरस के खौफ और इससे बचाव के लिए दुनिया की करीबब एक तिहाई आबादी आज अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गई है। लेकिन इसी बीच माइकल लेविट ने कोरोना से जूझ रही दुनिया के लिए एक राहत भरी भविष्यवाणी भी की है।

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क्या सच होगी कोरोना पर भविष्यवाणी ?

माइकल लेविट की चीन को लेकर की गई भविष्ययवाणी जिस तरह सच साबित हुई है इसी बीच माइकल लेविट ने एक और भविष्यवाणी की है। माइकल लेविट ने ‘द लॉस एंजिल्स टाइम्स ‘ को दिए इंटरव्यू में कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हमें जो करना चाहिए, वो हम कर रहे हैं….और इस संघर्ष के अच्छे परिणाम के रूप में अब हम सब ठीक होने जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होने कहा कि भले कोरोना के बढ़ते मामलों ने लोगों में खौफ पैदा कर दिया हो लेकिन अब इन मामलों में धीमी वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं जो कि दुनिया के लिए बड़ी राहत की खबर है।

कोरोना से लड़ने में किसकी भूमिका अहम ?

माइकल लेविट का मानना है कि कोरोना से लड़ने के लिए सोशल डिस्टेंससिंग और फ्लू के खिलाफ टीकाकरण की भूमिका सबसे अहम है। इसके साथ ही माइककल लेविट ने कोरोना को लेकर दुनिया में दहशत फैलाने के लिए मीडिया को जिम्मेदार भी ठहराया है। लेविट ने कहा कि कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है अफवाह और लोगों में निराशा। उनका कहना है कि कोरोना को लेकर जिस तरह ओवर रिएक्ट किया जा रहा है ये और भी ज्यादा खतरनाक स्थिति है क्योंकि इस तरह के भय और अफवाह के माहौल से दुनिया के सामने रोजगार और निराशा का संकट पैदा हो जाएगा जिससे लोगों को बचने की जरूरत है। कुल मिलाकर देखा जाए जिस तरह माइकल लेविट ने फरवरी के मध्य तक चीन में करीब 80 हजार मामले और 3,250 मौतों का अनुमान लगाया था और महामारी की भविष्यवाणी ससच भी साबित हुई ऐसे में देखना होगा कि कोरोना के संकट से दुनिया के जल्द उबरने की भविष्यवाणी कितना सटीक साबित होगी ।

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