खुशखबरीः वैज्ञानिकों ने विकसित कराई कोरोना से लड़ने की क्षमता

चीन के वैज्ञानिकों ने बंदरों में विकसित कराई कोरोना से लड़ने की क्षमता

चीन के वुहान से पूरी दुनिया पर कहर बरसाने वाले कोरोना वायरस को लेकर अब यहीं (चीन) से ही बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें, चीन के वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में कुछ बंदरों को कोरोना वायरस संक्रमित किया था। जिनके शरीर में अब इस घातक वायरस से लड़ने की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक शक्ति) आ गई है। कोरोना वायरस के खिलाफ बंदरों द्वारा इम्यूनिटी विकसित करने का मतलब ये हैं कि इंसान भी अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाकर इस बीमारी से लड़ाई लड़ सकता है। आसान शब्दों में समझा जाए तो अब इन बंदरों के शरीर से एंटीबॉडीज लेकर नए वैक्सीन तैयार किए जा सकते हैं। बता दें, एंटीबॉडीज हमारे शरीर में मौजूद वो सिपाही हैं जो बाहर से होने वाले बैक्टीरिया और वायरस के हमले से शरीर की रक्षा करते हैं। बीमारियों से लड़ते हैं।

कोरोना: 7000 मौतें, US में कर्फ्यू, फ्रांस में लॉकडाउन

अब बंदर से लिए गए एंटीबॉडीज का चीन के वैज्ञानिक इंसानों पर परीक्षण एक महीने में शुरू करेंगे।  सिर्फ इतना ही नहीं, जो लोग कोरोना से लड़कर सही हो चुके हैं, उनके एंटीबॉडीज को लेकर भी चीन वैक्सीन बनाने की तैयारी की जा रही है।ध्यान हो, 75 हजार से अधिक लोग चीन में अब तक कोरोना वायरस से मुक्त हो चुके हैं। यानी ठीक हो चुके हैं। अब इनके शरीर से एंटीबॉडीज लेकर वैक्सीन तैयार किए जाएंगे। साथ ही उसे बंदरों के एंटीबॉडीज से मिलाकर भी देखा जाएगा कि इनमें कितनी समानता है। गौरतलब है कि लोगों के अंदर इसे लेकर भी डर बना हुआ है कि अगर उन्हें दोबारा कोरोना वायरस हो गया तो..?। बता दें कि दोबारा इस वायरस का संक्रमण सिर्फ 0.1 से 1 फीसदी लोगों को ही हो रहा है। इसलिए वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि एक बार वैक्सीन बनने के बाद अगर किसी को दोबोरा कोरोना होता है तो भी उसे आसानी से स्वस्थ कर लिया जाएगा।

AB STAR NEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते हैं