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SH-राज्यसभा को संबोंधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के किसी भी नागरिक के सामने ‘D’ नहीं लगाया जाएगा।

बजट सत्र के दूसरे कार्यकाल के दौरान दिल्ली हिंसा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने दोनों सदनों संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) को लेकर लोगों के अंदर उठ रही शंकाओ को भी दूर करने की कोशिश की, जिसको लेकर अन्य विपक्षी पार्टियों की तरफ से सवाल उठाए गए थे। बता दें कि विपक्ष की तरफ से लगातार ये सवाल उठाए जा रहे थे कि NPR की प्रक्रिया में कागजों की लिस्ट मांगी जाएगी और अगर कागज नहीं दिखाए गए तो उसे शंका की नज़र से देखा जाएगा। जिसका जवाब देते हुए अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि देश के किसी भी नागरिक के सामने ‘D’ नहीं लगाया जाएगा। जिसके बाद से ही लोगों के मन में ‘D’ को लेकर सवाल उठने लगे कि आखिर ‘D’ का मतलब क्या है। हम आपको बताते हैं कि NPR की प्रक्रिया में ‘D’, क्या है और ये कब होता है?

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कब लगाया जाता है D का निशान?

दरअसल, सदन के दोनों सदनों में विपक्षी पार्टियों द्वारा लगातार इस बात का जिक्र किया जा रहा था कि NPR प्रक्रिया के दौरान सरकार अगर किसी व्यक्ति से सवाल करती है और वो इसका जवाब नहीं दे पाता है तो उसे शंका की नजर से देखा जाएगा। जिसके बाद उस व्यक्ति के लिए ‘डाउटफुल’ यानी D’ जैसी टर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। बता दें कि बीते दिन यानी गुरुवार को इससे संबंधित सवाल राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल द्वारा पूछे गए थे। जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्र अमित शाह ने इसका जवाब सदन में दिया।

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राज्यसभा में NPR की नए प्रक्रिया को लेकर भी सदन में विपक्ष की ओर से सवाल किया गया, जिसका जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नए प्रक्रिया के दौरान किसी भी किसी भी नागरिक को शंका की नज़र से नहीं देखा जाएगा। सदन में अपनी सफाई पेश करते हुए अमित शाह ने कहा, ‘मैंने स्पष्ट किया है कि NPR के अंदर कोई डॉक्यूमेंट नहीं मांगा जाएगा, पहले भी नहीं मांगा गया था।’ उन्होंने कहा, ‘आपको जितनी जानकारी देनी है आप उतनी ही जानकारी दे सकते हैं. अगर कोई जानकारी नहीं देता है, तो उसके नाम के आगे ‘D’ नहीं लगेगा, ऐसे में किसी को डरने की जरूरत नहीं है।’

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कैसे होगी एनपीआर की प्रक्रिया?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने NPR की लिस्ट को अपडेट करने की मंजूरी दी थी। साल 2010 में NPR की प्रक्रिया लागू की गई थी, जिसमें नागरिकों कुल 15 सवाल पूछे जाते थे, लेकिन नई प्रक्रिया के दौरान अब नागरिकों से 8 और नए सवाल पूछे जाएंगे, जिसपर कई राज्य सरकारों और विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई थी। इसके अलावा नागरिकों का ब्यौरा जमा करना और लोगों की ताजा तस्वीर-उंगली के निशान भी लिए जाएंगे।

NPR में पूछे जाने वाले सवाल

NPR की प्रक्रिया साल 2010 में शुरू की गई जिसमें ये 15 सवाल पूछे जाते थे

  1. व्यक्ति का नाम
  2. मुखिया से संबंध
  3. पिता का नाम
  4. माता का नाम
  5. पत्नी/पति का नाम
  6. लिंग
  7. जन्मतिथि
  8. वैवाहिक स्थिति
  9. जन्म स्थान
  10. घोषित राष्ट्रीयता
  11. सामान्य निवास का वर्तमान पता
  12. वर्तमान पते पर रहने की अवधि
  13. स्थायी निवास का पता
  14. व्यवसाय/कार्यकलाप
  15. शैक्षणिक योग्यता

8 नए सवाल शामिल

साल 2020 में होने वाली NPR की प्रक्रिया में 8 नए सवाल जोड़े गए हैं। हालांकि, अब गृह मंत्री ने साफ कर दिया है कि कोई भी व्यक्ति इन प्रश्नों का जवाब अपनी इच्छा के अनुसार ही जानकारी दे सकता है।

  1. आधार नंबर
  2. मोबाइल नंबर
  3. माता-पिता का जन्मस्थान और जन्मतिथि
  4. पिछला निवास पता (पहले कहां रहते थे)
  5. पासपोर्ट नंबर (अगर भारतीय हैं तो)
  6. वोटर आईडी कार्ड नंबर
  7. पैन नंबर
  8. ड्राइविंग लाइसेंस नंबर