SAARC VIDEO CONFERENCE: कोरोना पर मोदी का मंत्र, 'तैयारी करो, घबराओ नहीं'

पीएम मोदी ने कहा कि इस समय कोरोना वायरस विकासशील देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा कोरोना वायरस को वैश्विक महामारी की घोषणा के बाद दुनिया के देश सतर्क हो गए हैं। इसके वैश्विक असर को देखते हुए सार्क देशों के सदस्यों ने इस मसले पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रणनीति पर चर्चा की। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सार्क देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों ने कोरोना वायरस से निपटने के लिये रणनीति बनाने को लेकर वीडियो कांफ्रेंस में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस समय कोरोना वायरस विकासशील देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए समय-समय पर कदम उठाना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने सार्के देशों के प्रतिनिधि को मंत्र भी दिया और कहा कि इस कोरोना से निपटने के लिए तैयारी की जरूरत है, ऐसे समय में घबराने की जरूरत नहीं।

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दरअसल, दुनियाभर में पैर पसार रहे कोरोना वायरस के आतंक को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री ने सार्क (दक्षेस) देशों के सदस्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए रणनीति बनाने और चर्चा करने का प्रस्ताव दिया था। वीडियो कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, “इस विशेष सत्र में शामिल होने के लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। विशेष रूप से हमारे मित्र, नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने अपनी हालिया सर्जरी के तुरंत बाद हमें ज्वाइन किया है। मैं उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। उन्होंने कहा कि हम इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मैं इस वायरस के प्रसार से निपटने के भारत के अनुभव को संक्षेप में साझा करना चाहूंगा। हमारा मार्गदर्शक मंत्र है- ‘तैयारी करो, मगर घबराओ नहीं।’

SAARC VIDEO CONFERENCE: कोरोना पर मोदी का मंत्र, 'तैयारी करो, घबराओ नहीं'

आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को पीएम मोदी ने अपने ट्वीट के जरिए आठ सदस्यों के क्षेत्रीय समूह से संपर्क करते हुए दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के नेताओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कराने का प्रस्ताव रखा, जिसमें उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव कोरोना वायरस से निपटने के लिए मजबूत रणनीति तैयार करने के लिए है। सार्क के सभी देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से कोई रूख सामने नहीं आया था, लेकिन शुक्रवार की देर रात पाकिस्तान ने भी के प्रस्ताव पर सराकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वह कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए तैयार है।

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सार्क देशों के वीडियो कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को लेकर संस्पेंस बरकरार था। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष स्वास्थ्य सहायक डॉ. जफर मिर्जा ने भी प्रस्तावित दक्षेस के सदस्य देशों के वीडियो कांफ्रेंस में हिस्सा लिया। आपको बता दें कि पाकिस्तान में इस बीमारी के 34 मामले सामने आये हैं और एक भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, भारत में तीन लोगों की इस वायरस के कारण मौत हो गई, जबकि 107 लोगों के संक्रमित होने की खबर सामने आ रही है। अफगानिस्तान में इस रोग के 11, श्रीलंका में 10, और मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान में एक-एक मामले सामने आये हैं।

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