निर्भया: पोस्टमार्टम के बाद रिश्तेदारों को सौंपे गए शव

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20 मार्च को दोषियों को फांसी देने के बाद निर्भया के माता-पिता आज के दिन को निर्भया दिवस के रूप में मना रहे हैं। फांसी मिलने के बाद जेल के अंदर पूरा लॉकडाउन रहा।

कोर्ट से इंसाफ मिलने के बाद निर्भया के माता-पिता आज यानी 20 मार्च (शुक्रवार) के दिन को निर्भया दिवस के रूप में मना रहे हैं। दोषियों को फांसी मिलने के बाद जेल के अंदर पूरा लॉकडाउन रहा, लेकिन तिहाड़ जेल के बाहर उस दौरान काफी भीड़ देखने को मिली। जेल के बाहर इकट्ठा हुए लोगों ने इसे बड़ी जीत बताया है।

DDU हॉस्पिटल में किया गया पोस्टमार्टम

निर्भया के चारों दोषियों की फांसी के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय हॉस्पिटल ले जाया गया था। चारों शवों को हॉस्पिटल ले जाने के लिए दो एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया। जहां पांच डॉक्टरों के मेडिकल पैनल ने डॉ. बीएन मिश्रा की अगुवाई में शवों का पोस्टमार्टम किया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। दोपहर करीब एक बजे के आसपास चारों शवों का पोस्टमार्टम खत्म हो सका, जिसके बाद दोषियों के परिजनों को शवों को सौंप दिया गया।

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आधे घंटे तक लटके रहे शव

निर्भया के चारों दोषियों को तय समय के अनुसार, “सुबह साढ़े पांच बजे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया. उसके बाद उनका शव 30 मिनट तक फंदे से लटकता हुआ ही छोड़ दिया गया. करीब 6 बजे मेडिकल अफसर ने चारों दोषियों पवन, अभय, मुकेश और विनय को मृत घोषित कर दिया”। डीजी तिहाड़ जेल के मुताबिक, “फांसी से पहले निर्भया के चारों दोषियों में किसी ने कोई आखिरी इच्छा जाहिर नहीं की थी”।

शव जाने के बाद ही खोला गया जेलों का लॉकअप

दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल में दोषियों के शव को भेजे जाने के बाद तिहाड़ जेल में लॉकडॉउन खत्म कर दिया गया और सभी जेलों के लॉकअप को खोल दिया गया था, इसके बाद जेल के अंदर सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही तमिलनाडु पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया।

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