मध्यप्रदेश में खत्म हुआ सियासी ड्रामा, शिवराज सिंह ने चौथी बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चौथी बार शपथ लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार यानि 24 मार्च को विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया।

मध्यप्रदेश में पिछले करीब एक महीने से चले आ रहे सियासी संग्राम का आखिरकार आज अंत होने जा रहा है। कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद मध्यप्रदेश की कमान एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान संभालने वाले है। भोपाल से लेकर बेंगलुरु तक चले इस सियासी ड्रामे का अंत सुप्रीम कोर्ट में जाकर ही लगभग हो चुका था। ज्योतिरादित्या सिंधिया और 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी। जिसके बाद राज्य की सता पर एक बार फिर से बीजेपी की वापसी तय मानी जा रही थी और ऐसा हुआ भी। बीजेपी की ओर से भी मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही थी। अन्य दावेदारों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी सामने आया। इसके अलावा प्रह्लाद पटेल और थावरचंद के नाम पर भी चर्चा हुई थी। लेकिन आखिर में मुहर शिवराज सिंह के नाम पर ही लगी। भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री के लिए शिवराज सिंह के नाम तय कर दिया। जिसके चलते शिवराज सिंह ने भोपाल स्थित राजभवन में चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

बीजेपी ने विधानसभा मे पास किया विश्वास मत

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चौथी बार शपथ लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार यानि 24 मार्च को विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया। विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए शिवराज सरकार को 104 के आंकड़े की जरूरत थी। लेकिन बीजेपी ने 112 विधायकों का समर्थन साबित किया। बीजेपी के पास कुल 107 विधायक हैं। इसके अलावा बीजेपी को बसपा-सपा और निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन मिला।

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