मध्यप्रदेश: BJP नेता सुमेर सिंह सोलंकी की राज्यसभा उम्मीदवारी हो सकती है रद्द

बीजेपी की तरफ से राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर हलचल मच गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के साथ ही उन्हें पार्टी की तरफ से राज्यसभा का टिकट दे दिया गया, तो वहीं माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी डॉक्टर सुमेर सिंह सोलंकी का नामांकन पत्र रद्द हो सकता है। लिहाजा, बीजेपी की तरफ से राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया गया है। वहीं पार्टी के पूर्व नेता रंजना बघेल ने भी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। ऐसे में कहा जा सकता है कि अगर सोलंकी की उम्मीदवारी रद्द होती है तो बीजेपी नेता रंजना पटेल की राज्यसभा का प्रत्याशी होना तय है।

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इसी कारण से बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में दूसरी सीट के लिए दो प्रत्याशियों से नामांकन पत्र दाखिल कराया है। बता दें कि डॉ.सुमेर सिंह सोलंकी उच्च शिक्षा विभाग में सरकारी सेवा में कार्यरत सहायक प्राध्यापक भी हैं। भारतीय जनता पार्टी ने नामांकन से ठीक एक दिन पहले उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया, लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार न होने के कारण पूर्व मंत्री रंजना बघेल से भी नामांकन जमा करवाया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रंजना बघेल आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है और बीजेपी की तरफ से राज्यसभा उम्मीदवार के लिए प्रबल दावेदार हैं। पार्टी ने अपनी दूसरी सूची में डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी का भी नाम शामिल था जिसे देखकर सभी लोग चौंक गए थे। हालांकि, बाद में पता चला कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सोलंकी के नाम की सिफारिश की गई है।

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गौरतलब है कि डॉ. सोलंकी लंबे समय तक सेवा में आने से पहले वनवासी कल्याण आश्रम के लिए काम करते रहे हैं। ऐसा माना  जाता है कि सोलंकी को नई पीढ़ी को आगे बढाने के उदेश्य से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। वे अपना इस्तीफा पार्टी को पहले ही दे चुके हैं, लेकिन उनके इस्तीफे को  अब तक बीजेपी ने स्वीकार नहीं किया है। वहीं बात करें जीतू पटवारी की तो वे बेंगलुरु पुलिस की अभद्रता से बेहद नाराज बताए जा रहे हैं। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि अगर, सोलंकी का इस्तीफा 16 मार्च तक स्वीकार नहीं हुआ तो उनका राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द भी हो सकता है।

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