MP में कमल या कमलनाथ? जानिए क्या कहता है अंकगणित

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मध्य प्रदेश में चल रही घटनाक्रम के बीच विधानसभा में  आज कमलनाथ सरकार को SC के आदेशानुसार फ्लोर टेस्ट का सामना करना पड़ेगा।

मध्य प्रदेश की राजनीति का आज का दिन बेहद ही अहम है। आज इस बात का पता चल जाएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है, क्योंकि प्रदेश में चल रहे सियासत में अब सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया है। उच्चतम न्यायलय ने कमलनाथ सरकार को विधानसभा में बहुमत हासिल करने को कहा है। जिसके बाद आज शुक्रवार यानी आज कमलनाथ सरकार को सदन में विश्वासमत हासिल करना होगा। वहीं आज मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ फ्लोर टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 15 महीनों में मेरा प्रयास रहा कि हम प्रदेश को नई दिशा दें, प्रदेश की तस्वीर बदलें। मेरा क्या कसूर था? इन 15 महीनों में मेरी क्या गलती थी?

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उन्होंने कहा, ‘बीजेपी के 15 साल और मेरे 15 महीने, बीजेपी मेरी सरकार को गिराने के लिए पिछले 15 महीनों से साजिश रच रही थी। आपको बता दें कि इसी बीच मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर एन. पी. प्रजापति ने बेगलुरु में बैठे कांग्रेस के 16 बागी विधायकों का भी इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि, बागी विधायकों ने मध्य प्रदेश विधानसभा में होने वाली फ्लोर टेस्ट में शामिल होने से इंकार कर दिया है। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि मध्य प्रदेश की राजनीति में बाजी कौन मारता है, कमल या कमलनाथ!

मध्य प्रदेश की सियासत में वर्तमान सीट की बात करें तो राज्य की विधानसभा में कुल 230 (+1) सीटें हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 114 और बीजेपी को 109 सीटें मिली थी, जबकि 2 बीएसपी और अन्य को 5 सीटें मिली थी। अब 10 मार्च को ज्योतिरादित्य के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद ताजा हालात ये है कि ये है कि कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफे की पेशकश की, जिसमें पहले 6 और बाद में सभी 16 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इन सभी विधायकों का इस्तीफा एमपी विधानसभा स्पीकर एन. पी. प्रजापति ने स्वीकार किया है।

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बागी विधायक के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास अब (114-22) 92 सीटें हैं, तो वहीं अगर ये सभी बागी विधायक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान अगर बीजेपी का समर्थन करते हैं तो बीजेपी के कुल (109+22) 131 सीट हो जाएगी। अंकगणित के हिसाब से देखें तो कांग्रेस के 92, बीएसपी के 2 और अन्य 5 को मिला दिया जाए तो भी मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार नहीं बन सकती है। तो वहीं बीजेपी मध्य प्रदेश की सत्ता में काबिज होने के लिए केवल 6 विधायकों की ही जरूरत पड़ेगी। बता दें कि मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए 115 (+1) सीटों की जरूरत है।

यही कारण है कि बेंगलुरु में बैठे बागी विधायक का जबतक इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था, तबतक कांग्रेस यानी कमलनाथ सरकार का पलड़ा भारी था, लेकिन विधानसभा स्पीकर द्वारा बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद सियासी अंकगणित में कमलनाथ सरकार पिछड़ती दिख रही है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्पीकर प्रजापति ने आज दोपहर दो बजे विधानसभा का सत्र बुलाया है। देर रात को विधानसभा सचिवालय ने कार्यसूची जारी कर दी है। सत्र से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संवाददाता सम्मेलन बुलाया है। राजनीतिक घटनाक्रम के बीच होने वाले इस संवाददाता सम्मेलन को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि कमलनाथ कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। 206 विधायकों के सदन में बहुमत के लिए 104 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

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