टेस्टिंग किट मामले में केजरीवाल-सिसोदिया के सुर अलग

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दिल्ली को केंद्र की ओर से मिलने जा रही टेस्टिंग किट मामले में केजरीवाल-सिसोदिया के बदले सुर

जिस मुख्यमंत्री केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सुर अक्सर केंद्र की आलोचना के वक्त एक होते हैं उनमें अब मतभेद नज़र आने लगे हैं। जी हां, ये बात इसलिए क्योंकि कोरोना किट्स की सप्लाई मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री के जो बयान सामने आ रहे हैं वो एक दूसरे से बिल्कुल अलग है। जहां एक और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया किट सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को बताया कि केंद्र की ओर से दिल्ली को टेस्टिंग किट्स की सप्लाई होने जा रही है।

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बता दें, सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया की दिल्ली को टेस्टिंग किट्स की सप्लाई केंद्र की ओर से होने जा रही है। सरकार के अनुसार 10 अप्रैल तक ये सभी टेस्टिंग किट्स दिल्ली सरकार को मिल जाएंगी। जिसके बाद इन्हें अस्पतालों को दिया जाएगा। सीएम केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली के दो अस्पतालों को कोरोना वायरस के लिए पूरी तरह से तैयार कर दिया गया है। अब तक हर दिन करीब 125 लोगों का टेस्ट किया जा रहा था। हालांकि एक अप्रैल से टेस्ट में तेजी आई है और अब हर दिन करीब 500 लोगों का टेस्ट किया जा रहा है। वहीं केंद्र की ओर किट्स मिलने के बाद इसमें और भी तेजी आएगी और जांच की संख्या दोगुनी होकर 1 हजार हो जायगी।

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सोमवार को शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “केंद्र सरकार की तरफ से हमें पत्र मिला है कि 27,000 पीपीई किट्स दिल्ली को दी जाएंगी, कल (मंगलवार) या बुधवार तक हमारे पास किट्स आ जाएंगी”। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली के सभी लोग इस लड़ाई को मिलकर लड़ रहे हैं”। लेकिन दूसरी ओर ने एक निजी चैनल से मनीष सिसोदिया ने कहा, “मौजूदा हालत को देखते हुए दिल्ली कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों की संख्या अगर बढ़ती है तो बड़ी चुनौती होगी”। उन्होंने कहा, “संख्या कहां तक जाएगी किसी को नहीं पता, इसलिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा घरों में ही रहना चाहिए. मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर उन्होंने तबलीगी जमात को जिम्मेदार ठहराया”।

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इस दौरान मनीष सिसोदिया ने वित्त मंत्रालय को लिखे पत्र का भी जिक्र किया। अपने पत्र में सिसोदिया ने कहा, “अन्य राज्यों को जैसे 17 हजार करोड़ का फंड दिया गया है, वैसे ही दिल्ली सरकार को भी दिया जाना चाहिए. बीजेपी सांसद गौतम गंभीर के अनुदान पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि अभी इससे ज्यादा जरूरी है कि वे (गंभीर) केंद्र सरकार से किट्स दिलाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सके. सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी सांसदों के लिए पैसे से ज्यादा जरूरी है कि वे मरीजों के लिए किट्स दिलाने का काम करें”। ऐसे में सीएम केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री के बीच जो मतभेद नजर आ रहा है उसे देखकर तो यही लगता है कि टेस्टिंग किट मामले में केजरीवाल-सिसोदिया के सुर एक दूसरे से अलग हैं।

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