मध्यप्रदेश में विधायकों की सेंधमारी के बीच बेंगलुरु पुलिस पर कांग्रेस ने अपने दो नेताओं की गिरफ्तारी का आरोप लगाया है।

मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। राज्य में मौजूद दोनों बडे दल कांग्रेस और बीजेपी अपनी जड़े मजबूत करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते। इसी को लेकर गुरूवार को कमलनाथ सरकार से नाराज और सिंधिया गुट के विधायकों को मनाने और वापस पार्टी में साथ लाने के लिए मंत्री जीतू पटवारी और लखन सिंह बेंगलुरु पहुंचे। कहा जा रहा है जब ये दोनों दिग्गज रिजॉर्ट पहुंचे जहां सिंधिया गुट के विधायकों को रखा गया था। वहां उन दोनों  नेताओं के साथ पुलिस की कहासुनी और धक्कामुक्की भी हुई।

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पुलिस ने जीतू को हिरासत में लिया

इस खबर के सामने आने के बाद जिसके बाद कांग्रेस ने बेंगलुरु पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने कमलनाथ सरकार के दोनों मंत्री जीतू पटवारी और लखन सिंह को हिरासत में ले लिया है। दोनों मंत्री विधायक मनोज चौधरी से मिलने बेंगलुरु गए हुए थे। अपने नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया, “हमारे मंत्रियों पर हमला भी किया गया है. अगर बेंगलुरु पुलिस हमारे मंत्रियों और विधायकों की फौरन रिहाई नहीं करती है, तो हम कोर्ट जाएंगे. बेंगलुरु में कमलनाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों के बीच झड़प की सूचना भी सामने आई है”।

कांग्रेस के 7 बागी विधायकों को नोटिस

मध्य प्रदेश के विधानसभा स्पीकर लालजी टंडन ने कांग्रेस के 7 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है। स्पीकर की ओर से सभी विधायकों को उनके आधिकारिक निवास पर नोटिस जारी किया गया है। बता दें, इससे पहले कमलनाथ सरकार के 6 मंत्रियों को स्पीकर ने नोटिस जारी किया था। विधानसभा स्पीकर ने कहा था, “मैं कायदे और कानूनों से बंधा हुआ हूं”। विधानसभा स्पीकर लालजी टंडन ने नोटिस जारी कर हर हाल में विधायकों को सदन में उपस्थित होने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, “विधायकों को सदन में बताना होगा कि किसी दबाव के चलते उन्होंने पार्टी से बगावत की है, या अपनी इच्छा से उन्होंने अपनी पार्टी से अलग रुख अख्तियार किया है”।

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