कांग्रेस से सिंधिया का जाना सामान्य बात नहीं, लाइन में और भी !

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मध्यप्रदेश में महाराज की अनदेखी आने वाले समय के लिहाज से कांग्रेस पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं है।

नई दिल्ली: करीब अठारह साल बाद कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए सामन्य बात नहीं है। कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी के सारथी कहे जाने वाले सिंधिया न सिर्फ राहुल गांधी बल्कि पूरे कांग्रेसी कुनबे के लिए भी करिश्माई  चेहरा थे। मध्यप्रदेश में महाराज की अनदेखी आने वाले समय के लिहाज से पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं है।

2014 के बाद से जिस तरह से कांग्रेस पार्टी में सियापा छाई हुई है, उससे यहीं लगता है कि कांग्रेस पार्टी अब बेदम हो चुकी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया का अपमान और पार्टी में उनकी राय को दरकिनार करना इस बात को दर्शाता है कि कांग्रेस में मस्तिष्क के धनी युवा नेताओं की कोई अहमियत नहीं है।

कांग्रेस से सिंधिया का जाना सामान्य बात नहीं, लाइन में और भी !

मसलन ज्योतिरादित्य सिंधिया जब तक कांग्रेस की सरकार थी तब तक वो सांसद और मंत्री थे लेकिन जैसे ही पार्टी बैक टू पवेलियन लौटी उसके बाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ-साथ वही नेता फ्रंट पर दिखे जो साठ या सत्तर साल के उम्र के बीच के थे।

मध्यप्रदेश में स्वर्गीय माधवराव सिंधिया से लेकर मौजूदा दौर में उनके पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया की जनता के बीच में अच्छी पकड़ है, लेकिन बावजूद इसके जब एमपी में विधानसभा के चुनाव हुए तो पार्टी ने मुख्यमंत्री के तौर पर कमलनाथ को पेश किया और कमलनाथ को ही मुख्यमंत्री बनाया।

वहीं राजस्थान देख लीजिए यहां भी उसी अवधि में चुनाव हुए, लेकिन पार्टी ने युवा नेता सचिन पायलट की जगह अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने युवा नेताओं की अनदेखी की यहां भी जितिन प्रसाद को पार्टी ने पीछे छोड़कर यूपी कांग्रेस का अध्यक्ष लल्लूराम को बनाया।

वहीं इन सब के बीच महाराष्ट्र में संजय निरुपम ऐसे कई मौकों पर कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते दिखे हैं जो इस बात को बताता है कि पार्टी सिर्फ गांधी परिवार और पार्टी के बुजूर्ग नेताओं के अलाला किसी और की नहीं सुनना चाहती।

फिलहाल अब जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी ज्वाइन कर लिया है। ऐसे में तमाम बीजेपी नेता बेहद खुश नज़र आ रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा है कि यह उनकी ‘घर वापसी’ है। मैं काफी खुश हूं और उन्हें बधाई देती हूं।

ट्वीट करते हुए यशोधरा ने लिखा कि ‘राजमाता के रक्त ने लिया

राष्ट्रहित में फैसला साथ चलेंगे, नया देश गढ़ेंगे, अब मिट गया हर फासला। ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस छोड़ने के साहसिक कदम का मैं आत्मीय स्वागत करती हूं’

इतंजार खत्म, ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में हुए शामिल

वहीं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यह व्यक्तिगत रूप से मेरे  और भाजपा के लिए खुशी का दिन है। शिवराज ने  कहा कि आज मुझे राजमाता सिंधिया जी की याद आ रही है। ज्योतिरादित्य आज बीजेपी परिवार का सदस्य बन गये हैं. अब पूरा सिंधिया परिवार बीजेपी के साथ हैं।

जाहिर है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी ज्वाइन करते हुए एक ओर जहां कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला तो वहीं मोदी सरकरा की जमकर तारीक करते हुए बड़ी-बड़ी बाते कही। सिंधिय़ा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र के हाथों में देश पूरी तरह से सुरक्षित है।

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