हाय राम, भारत में मचा है कोरोना पर सियासी कोहराम

0
210

दुनिया भर में काल बनता जा रहा कोरोना वायरस हिन्दुस्तान की सियासी नब्ज को कैसे जकड़ रहा है, ये जानना बेहद जरुरी है।

नई दिल्ली: कोलकाता से केरल और केरल से कलमुर्गी तक कोरोना वायरस भले ही भारी संख्या में  पांव न पसारा हो लेकिन सत्ता के साधु इस पर जमकर प्रवचन दे रहे हैं। राजनीतिक जुबानों से कोरोना पर निकलने वाले बहत्तर बीघा की बातें देश को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आज जिस वायरस से पूरी दुनिया परेशान है क्या उस पर भी सियासी रोटियां सेकनी जरुरी हैं। हिन्दुस्तान में अब तक कोरोना वायरस से जुड़े 26 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। देश के तमाम बड़े सरकारी अस्पतालों में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन देश की फिजाओं में फैले सियासी वायरस का अभी तक कोई तोड़ सामने नहीं आया है।

‘साम्प्रदायिक राजनीति’कर रही है भाजपा- ममता बनर्जी

कोरोना वायरस का बेहतर इलाज क्या है? आखिर इस जानलेवा वायरस से कैसे बचा जाए? इस बात से इतर दिल्ली ,राजस्थान,मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल से देश के बड़े राजनीतिक घरानों के सियासी सर्जन इस वायरस की जुबानी सर्जरी कर रहे हैं।

चलिए आपको सिलसिले वार तरीके से बताते हैं कि आखिर कोरोना वायरस पर किसने क्या-क्या कहा है।

सबसे पहले बात करते हैं कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जिन्होंने इस गंभीर मुद्दों से हटकर कहा है कि  आजकल कुछ लोग कुछ ज्यादा ही कोरोना-कोरोना कर रहे हैं। कोरोनावायरस एक खतरनाक बीमारी है पर इसको लेकर दहशत कायम नहीं करनी चाहिए। वहीं दिल्ली हिंसा पर मोदी सरकार पर कोरोना के जरिए हमला करते हुए कहा- कोरोना से अलग हटकर उन्हें भी याद किया जाना चाहिए जो दिल्ली हिंसा में मरे हैं।

इसके बाद राजस्थान सरकार में अशोक गहलोत के सबसे करीबी स्वास्थ्य मंत्री रघुशर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार अगर सावधानी बरतती और हमें समय से बता देती कि इटली के पर्यटक जयपुर आ रहे हैं, तो कोरोना वायरस के फैलने का खतरा नहीं होता।

आपको बता दें कि ये वहीं रघु शर्मा हैं जो जयपुर से दो घंटे का सफर तय करके कोटा नहीं पहुंच पाए थे तब, जब मासूम बच्चों की मौतें हो रही थी।

हद तो तब हो गई जब राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र पारीक ने कहा कि हमारे यहां एक वैद्य हैं, जो होम्योपैथी दवा देते हैं, जिससे कोरोना वायरस ठीक हो जाता है। तो ऐसे में सवाल ये है कि अगर राजेंद्र पारीक सही कह रहे हैं तो क्यों न भारत सरकार को हजार- दो हजार बैद्यों को चीन भेज दिया जाए उपचार के लिए।

वहीं इन सब के बीच बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बोलते हुए कहा कि पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को कोरोना वायरस की जांच कराने की जरुरत है। राहुल पिछले छह दिन पहले अभी इटली से आए हैं, इसलिए उनकी भी जांच होनी चाहिए. साथ ही बिधूड़ी ने उन तमाम सांसदों से भी अपील की जो राहुल के साथ रहते हैं।

जिसके जवाब में कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने बीजेपी के उस बयान पर तंज कसते हुए हमला किया जिसमें बीजेपी के लोगों ने गौमूत्र से इलाज करने की बात कही थी। हुसैन दलवाई ने नसीहत दी कि राहुल गांधी कोरोना वायरस का प्रिकॉशन तो लेते हैं. यह लोग तो गोमूत्र और दूसरी बातें कह कर अफवाह फैलाते हैं।

जाहिर है कि कोरोना वायरस से अब तक 32 सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। चीन, इटली, ईरान और दक्षिण कोरिया इस गंभीर वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है। हिन्दुस्तान में अब तक 26 से ज्यादा लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है।