दोषी पवन का दावा खारिज, निर्भया की मां बोलीं- कल मिलेगा इंसाफ

निर्भया के दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने खरिज कर दिया है। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा है कि उम्मीद है कि कल मिल जाएगा इंसाफ

निर्भया के दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने खरिज कर दिया है। इस बात की जानकारी देते हुए निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि SC ने दोषी पवन की दूसरी क्यूरेटिव पिटीशन भी खारिज कर दिया है। आशा देवी ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि कल दोषियों को फांसी मिलेगी और निर्भया को इंसाफ मिलेगा। बता दें कि सर्वोच्च न्यायलय में सुनवाई के दौरान निर्भया के दोषियों का प्रतिनितित्व करने वाले वकील ए. पी. सिंह से कोर्ट ने बड़े ही सख्त भरे अंदाज में पूछा कि वह हमेशा अंतिम समय में ही अदालत क्यों पहुंचते हैं। दोषियों की फांसी की सजा में देरी करने के लिए नए-नए प्रयास करने वाले वकील 20 मार्च को दोषियों को फांसी की सजा में देरी के लिए फिर से प्रयास किया। उन्होंने कानूनी उपाय लंबित होने का हवाला देते हुए एक बार फिर ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने गुरुवार की रात 12 बजे तक तिहाड़ जेल अधिकारियों और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी और कहा, “आप अंतिम समय में अदालत का रुख क्यों करते हैं?” लोक अभियोजक इरफान अहमद ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा, “कोई कानूनी उपाय लंबित नहीं है। उनकी फांसी के लिए सिर्फ 36 घंटे बाकी हैं।” शुक्रवार 20 मार्च को निर्भया के दोषियों को सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर फांसी होगी। इसी बीच को निर्भया के हत्यारों को लटकाये जाने को लेकर तिहाड़ जेल में एक बार फिर जोर-शोर से तैयारियां शुरू हो गयी हैं। इस दौरान मंगलवार को मेरठ से जल्लाद पवन ने तिहाड़ जेल अधिकारियों की मौजूदगी में फांसी देने का ‘डमी-ट्रायल’ भी किया। दिल्ली जेल के अपर महानिरीक्षक मुताबिक, “बुधवार को किया गया डमी ट्रायल रुटीन प्रक्रिया है। निर्भया के मुजरिमों को फांसी देने के लिए पहली बार किये जा रहे डमी ट्रायल के वक्त हमारी चिंता ज्यादा थी।”

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अपर महानिरीक्षक जेल राज कुमार ने बताया, “बुधवार को डमी ट्रायल तिहाड़ की तीन नंबर जेल परिसर में स्थित फांसी घर में किया गया। डमी ट्रायल के दौरान यूं तो मुख्य कार्य पवन (जल्लाद) का ही था। इसके बाद भी एहतियातन तिहाड़ जेल के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी भी इस डमी ट्रायल के दौरान मौजूद रहे।” डमी ट्रायल के दौरान पवन जल्लाद और फांसी घर में मौजूद जेल अफसरों की तैयारियों को लेकर जेल के AIG ने कहा, “दौरान-ए-फांसी कहीं कोई व्यवधान उत्पन्न होने की कहीं कोई आशंका न रहे। मुख्य काम तो पवन को ही करना है। लिहाजा ऐसे में उन्हें ही सारे इंतजाम एक बार फिर से देखने थे। इसलिए जेल प्रशासन ने उनके (पवन जल्लाद) कहे मुताबिक डमी-ट्रायल का इंतजाम किया था। यह डमी ट्रायल अब से थोड़ी देर पहले ही किया गया। डमी ट्रायल करीब आधा घंटा चला।”

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