केंद्र सरकार का SC को जवाब, CAA किसी भी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं

0
122

केंद्र सरकार ने CAA की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर SC में अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा है कि ये कानून किसी भी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं करता।

पिछले कुछ महीनों से चल रहे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच इस कानून की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। केंद्र सरकार ने SC में दायर किए हुए जवाब में कहा है कि यह कानून किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं करता और न ही इससे संवैधानिक नैतिकता का उल्लंघन होने का कोई सवाल नहीं उठता है। केंद्र ने SC में कहा, ”सीएए केंद्र को मनमानी शक्तियां नहीं देता है, नागरिकता इस कानून के तहत निर्देशित तरीकों से दी जाएगी।”

फ्लोर टेस्ट मामला: SC ने MP सरकार को भेजा नोटिस, सुनवाई कल

आपको बता दें कि पिछले महीने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को चुनौती देते हुए SC में 160 से अधिक याचिकाएं दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता में राजस्थान और केरल सरकार भी शामिल है, जिन्होंने अपने याचिकाओं में कहा है कि यह कानून संविधान की आत्मा के खिलाफ है। पिछले महीने जनवरी की 22 तारीख को इस कानून को लेकर SC में सुनवाई हुई थी। इस दौरान कोर्ट ने कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। अब केंद्र सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है।

आपको बता दें कि पिछले साल 2019 के दिसंबर में केंद्र सरकार ने संसद में नागरिकता संसोधन बिल पास कराया था। जिसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद 10 जनवरी को पूरे देश में ये कानून लागू हो गया। जिसको लेकर पूरे देश में इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। नागरिकता संशोधन कानून, 2019 में प्रावधान है कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आये अल्पसंख्यक हिन्दू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदाय के सदस्यों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है.

AB STAR NEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते हैं