सिंधिया के बाद अब आरजेडी ने कांग्रेस को दिया झटका

ज्योतिरादित्य सिंधिया के झटके से हताश कांग्रेस को आरजेडी ने भी झटका देते हुए राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के पर्चे भी दाखिल करवाएं हैं।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार पहले से ही अपने कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने का झटका झेल रही थी कि वहीं अब एक और झटका कांग्रेस को लग गया है। बता दें, सिंधिया के बाद अब पार्टी की सहयोगी रही आरजेडी ने भी हाथ को छटकते हुए  अपने हिस्से की दो राज्यसभा सीटों के लिए लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने अपने उम्मीदवारों के पर्चे भी दाखिल करवा दिए हैं, जबकि कांग्रेस आरजेडी को लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों की याद दिलाती रह गई। आरजेडी के राज्यसभा सांसद प्रेमचंद गुप्ता को टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा था तो वहीं नए खिलाड़ी अमरेन्द्रधारी सिंह को आरजेडी ने टिकट देकर सबको चौंका दिया। यहां चौकाना वाली बात ये भी थी कि आरजेडी के नेता भी अमरेन्द्रधारी सिंह को नहीं जानते थे क्योंकि पर्चा दाखिल करने से पूर्व किसी ने उन्हें देखा ही नहीं था।

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फैसले पर लालू की मुहर

बता दें, पटना के रहने वाले अमरेन्द्रधारी सिंह बड़े कारोबारी है। अमरेन्द्रधारी जाति से भूमिहार हैं और देश के कई हिस्सों में उनका कारोबार फैला हुआ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए अधिकृत किया था। लालू प्रसाद यादव द्वारा ही प्रेमचंद गुप्ता और अमरेन्द्रधारी सिंह के नाम पर मुहर लगाई गई थी साथ दोनों उम्मीदवारों ने गुरूवार को अपना पर्चा भी दाखिल कर दिया।

आरजेडी के फैसले सकते में कांग्रेस

आरजेडी द्वारा उठाए गए इस फैसले से कांग्रेस का हाथ और कमजोर हो गया है। कांग्रेस को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को पूरा करते हुए आरजेडी एक सीट कांग्रेस के नाम करेगी। कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने के गम को भूलाने के लिए बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा को राज्यसभा भेजा चाहती थी लेकिन कांग्रेस हाथ मलती रह गई। आरजेडी ने कांग्रेस के साभी वादों को हवा में उड़ाते हुए अपने दोनों उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं।

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बिहार में कांग्रेस और आरजेडी का लम्बा साथ

बिहार में कांग्रेस और आरजेडी का लम्बा साथ रहा है। लेकिन हर बार कहीं न कहीं कांग्रेस ठगी जाती रही है। जहां पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान जब कांग्रेस ने 14 सीटों की मांग की तब आरजेडी ने हाथ को ये कहकर 9 सीटें दी कि एक सीट राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के हिस्से में जायेगी। लेकिन शायद अपना वो वादा तेजस्वी यादव को याद नहीं रहा। वहीं अपने इस फैसले पर तेजस्वी ने कहा कि वो बात अब खत्म हो गई है।

‘जारी रहेगा कांग्रेस का साथ’

राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि जो शीर्ष नेतृत्व (राजद और कांग्रेस) उनकी बात हो गई है, यूपीएम चेयरपर्सन सोनियाजी की बात थी, वो हमने लालूजी के पास बात रख दी, सभी बातें, शीर्ष स्तर की बातचीत के बाद खत्म हो चुकी है। तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस को हम लोगों ने बहुत मौके दिए हैं और हर बार कांग्रेस को साथ में लेकर चलने का काम किया है यही साथ आगे भी बनाए रखने की कोशिश रहेगी।

वहीं तेजस्वी के इस बयान पर कांग्रेस का कहना है कि गठबंधन में इस तरह का व्यवहार सही नहीं है। कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा ने आरजेडी के द्वारा उनके बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के पत्र को फर्जी कहने पर कांग्रेस ने नाराजगी जाहिर की है। कांग्रेस खेमे में आरजेडी के इस एक तरफा फैसले से नाराजगी है। जिसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव और महागठबंधन के अस्तित्व पर जरूर देखने को मिल सकता है।

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