क्या शाह की रणनीति से ‘मामा’ फिर बनेंगे एमपी के मालिक

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कमलनाथ की माने तो  सात विधायक आ गए हैं और जो नहीं आ पाए हैं पार्टी के नेता विधायकों के परिवार के साथ संपंर्क कर रहे हैं… 

नई दिल्ली: कर्नाटक का नाटक तो आपको याद ही होगा जहां भारतीय जनता पार्टी ने साम दाम दंड भेद सब लगाकर कर्नाटक की कुर्सी हथियाना चाही थी…जिसके लिए कई बार सियासी ड्रामें भी देखने को मिले थे और बीजेपी यहां कुछ देर भले ही सही लेकिन सत्ता पर काबिज होने में सफल रही थी…अब मध्यप्रदेश में बीजेपी लगाकतार सेंधमारी करने की कोशिश जरुर कर रही है…लेकिन राजनीति के सूरमा कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने बीजेपी का कर्नाटक फार्मूला नहीं चल पा रहा है…खबर सामने आई कि कमलनाथ के 10 विधायक हरियाणा के एक पांच सितारा होटल में बंधक बनाए गए हैं और ये सबकुछ बीजेपी की साजिश है…जिसके बाद कमलानाथ सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे,,,लेकिन इसी बीच कमल नाथ सरकार में सबसे बेहद खास मंत्री जीतू पटवारी ने हरियाणा के आईटीसी होटल पहुंच सात विधायकों को निकाल लिए ये सभी विधायक मंगलावर से हरियाणा के इस होटल में रुके हुए थे। हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद दिग्विजय सिंह मीडिया के सामने आए और जमकर बीजेपी पर निशाना साधा दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब से सत्ता में बीजेपी की सरकार आई है ये सब कुछ ज्यादा ही हो रहा है…हमारे दसों विधायकों को बीजेपी धोखे से लेकर चली गई और तीन किश्तों में उनसे डील कर ली…दिग्गी राजा ने तीनों किश्तों के फार्मूले को भी समझाया…पहली किश्त 5 करोड़ अभी लो दूसरी राज्यसभा चुनाव के बाद और तीसरी कमलनाथ की सरकार गिराने के बाद

कमलनाथ की माने तो  सात विधायक आ गए हैं और जो नहीं आ पाए हैं पार्टी के नेता विधायकों के परिवार के साथ संपंर्क कर रहे है… 

मध्यप्रदेश के सियासी भूचाल पर बीजेपी का क्या कहना है ये आपको बताए लेकिन उससे पहले आप मध्यप्रदेश में सीटों का जो समीकरण है उसका गुणा गणित समझ लीजिए…दरअसल, 230 विधानसभा वाले मध्यप्रदेश में मौजूदा समय में 228 ही सीटें है क्योंकि दो विधायकों के निधन के बाद से ये सीटे खाली हैं… इस वक्त

कांग्रेस के 114

बीजेपी के पास 107

बसपा के पास 2

सपा के पास 1

4 निर्दलीय हैं

जबकि दो विधानसभा सीटें खाली हैं

वहीं कांग्रेस पार्टी 121 विधायकों के समर्थन का दांवा कर रही है…लेकिन बीजेपी इस पूरे परिदृश्य में कहां है ये समझने की जरुरत है…दरअसल 26 मार्च को 17 राज्यों के 55 सीटों पर राज्यसभा के लिए चुनाव होने वाले हैं…और तीन सीटें मध्यप्रदेश में हैं और एक सीट के लिए 58 वोटों का आंकड़ा चाहिए…ऐसे में मध्यप्रदेश में सत्ता के फेरबदल के साथ-साथ राज्यसभा के लिए भी पर्याप्त सदस्य होने चाहिए…बीजेपी के हाथों से अब तक 5 राज्य जा चुके हैं तो इस बार राज्यसभा में उसकी सीटे कम आने का भी अनुमान है…

इन सब के बीच गुरुवार रात के करीब 2 बजे बीजेपी के दो विधायक नारायण त्रिपाठी और संजय पाठक ने  कमलनाथ से मुलाकात की…जिसके बाद मामले में और भी ट्विस्ट आ गया…फिलहाल अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि शतरंज की सियासी बिसात पर ऊंट किस ओर करवट लेता है…