लॉकडाउन की मार से बढ़ेगी बेरोजगारी !

कोरोना के बाद रोजगार का ‘रोना’!

कोरोना वायरस भारत के लिए वो अभिशाप बन गया है जिसने न सिर्फ जनहानि से तांडव मचाया बल्कि अर्थव्यस्था की कमर भी तोड़ दी है। भारत में कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन किया गया। लॉकडाउन के कारण काफी हद तक संक्रमण की गति पर नियंत्रण पाने में कामयाबी भी हासिल हुई लेकिन देश के व्यापार, ट्रांसपोर्ट, प्राइवेट और सरकारी संस्थानों पर भी लगे इस लॉकडाउन का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।

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नौकरियों पर मंडराया संकट

लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा नौकरीपेशा लोग चिंतित हैं जिन्हें नौकरी खोने का डर सता रहा है। पूरे देश में लागू इस लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को लगे झटके का असर भी पूरे देश के सभी सेक्टर में देखने को मिलने वाला है।  भारतीय उद्योग परिसंघ के एक सर्वेक्षण में नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका लगने का अनुमान लगाया जा रहा है। भारतीय उद्योग परिसंघ के सर्वेक्षण के अनुसार मांग में कमी आने के कारण अधिकतर कंपनियों की आय में काफी गिरावट हुई है जिसका सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ता नज़र आ रहा है।

क्या कहता है भारतीय उद्योग परिसंघ का सर्वेक्षण ?

लॉकडाउन के बाद देश की अर्थव्यवस्था का अनुमान लगाने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ के करीब 200 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के बीच ‘सीआईआई सीईओ स्नैप पोल’के नाम से ऑनलाइन सर्वेक्षण कराया गया जिसमें ये बात निकलकर सामने आई है कि लॉकडाउन के कारण प्रोडक्ट की मांग में भारी गिरावट देखने को मिल रही है जिससे कंपनी की आय में भी गिरावट हो रही है। ऐसी स्थिति में कंपनी अपने कर्मचारियों को वेतन दे पाने में असमर्थ होगी जिससे कर्मचारियों की नौकरी जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। भारतीय उद्योग परिसंघ के मुताबिक घरेलू कंपनियों की न सिर्फ आय में गिरावट आने का अनुमान है बल्कि लाभ पर भी बुरा असर पड़ता नजर आ रहा है। इसका असर देश की आर्थिक वृद्धि दर पर भी पड़ने वाला है। अगर बात रोजगार की करें तो संबंधित क्षेत्रों में करीब 52 फीसदी तक नौकरियां जा सकती हैं।

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भारतीय अर्थव्यवस्था से प्रभावित होगी जीडीपी

रिपोर्ट की मानें तो लॉकडाउन के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगेगा। एक अनुमान के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था को करीब 120 अरब डॉलर का झटका लगेगा। इसमें से करीब 90 अरब डॉलर का नुकसान लॉकडाउन की अवधि अधिक होने के काऱण होगा। अब जब अर्थव्यवस्था पर करारा प्रहार होगा तो जाहिर सी बात है जीडीपी की विकास दर के लड़खड़ाने का भी पूरा अनुमान है यानि कि पहले कोरोना महामारी का प्रहार फिर उस पर गिरती अर्थव्यवस्था का बड़ा झटका भारत को लगने वाला है।

लॉकडाउन बनेगा बेरोजगारी का कारण

जैसा कि भारतीय उद्योग परिसंघ के सर्वेक्षण में चौंकाने वाले अनुमान सामने आए हैं इस आधार पर आने वाले समय में देश में 52 फीसदी नौकरियां कम हो जाएंगी यानि की एक बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार होने की कगार पर हैं। फिलहाल देश के लिए कोरोना की जंग को जीतना प्राथमिकता है। इसके बाद अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सरकार नए कदम उठाएगी।

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