पतंजलि योगपीठ ने बनाई लाइलाज कोरोना की औषधि

कोरोना महामारी जितना घातक है उससे भी कहीं घातक है इस बीमारी का लाइलाज होना। कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के शरीर से वायरस को खत्म करने के लिए दुनिया अभी तक कोई वैक्सीन नहीं है। हालांकि भारत समेत कुछ देश कोरोना वायरस के संक्रमण को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने पर काम कर रही हैं लेकिन फिलहाल जो हालात हैं वो बेहद गंभीर है। कोरोना से संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले दिनों पीएम मोदी ने आयुष मंत्रालय द्वारा सुझाए गए कुछ टिप्स साझा किए थे। जिसमें कोरोना वायरस से बचने के कुछ टिप्स थे। तो वहीं अब योगगुरू बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ ने कोरोना के इलाज का दावा करके देश ही नहीं अपितु दुनिया को चौंका दिया है।

कोरोना का इलाज आयुर्वेद में संभव !

पतंजलि योगपीठ का दावा

इसमें कोई संदेह नहीं कि बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ ने हर जटिल बीमारियों का आयुर्वेद के माध्यम से इलाज संभव बनाया है लेकिन दुनिया में फैले कोरोना वायरस को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। पूरी दुनिया के चिकित्सा क्षेत्र के लिए कोरोना वायरस एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में हरिद्वार में स्थित पतंजलि योगपीठ ने कोरोना के इलाज का दावा करके सभी को चौंका दिया है।

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आचार्य बालकृष्ण ने की पुष्टि

पतंजलि योगपीठ में आयुर्वेद के माध्यम से तमाम जटिल बीमारियों के सफल इलाज का परीक्षण किया जाता है और फिर दवा के रूप में सामने लाया जाता है। पतंजलि योगपीठ ने आयुर्वेद के माध्यम से कोरोना वायरस के इलाज का दावा किया है जिसकी पुष्टि आचार्य बालकृष्ण ने की है। सोशल मीडिया के माध्यम से आचार्य बालकृष्ण ने जानकारी को शेयर किया है। आचार्य बालकृष्ण ने कोरोना के इलाज को संभव बताते हुए कहा है कि इसकी दवा को वैक्सीन के रूप में भी मरीज को दी जा सकती है। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि कोरोना वायरस के शुरुआती संक्रमण के मामलों के सामने आने के बाद ही पतंजलि योगपीठ ने पतंजलि अनुसंधान संस्थान में 3 महीने पहले ही शोध शुरू कर दिया था। इस दौरान कई सफल परीक्षण चूहों पर किए गए।

पतंजलि योगपीठ द्वारा परीक्षित कोरोना की दवा

आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया है कि अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी और स्वासारि रस के निश्चित अनुपात में सेवन से कोरोना से संक्रमित मरीज को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसके साथ ही आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि करीब 150 से अधिक पौधों के 1550 कंपाउंड पर लगातार शोध कर कोरोना की दवा को बनाने में सफलता हासिल हो सकी है।

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आयुष मंत्रालय की पुष्टि का इंतजार

हालांकि अगर कोरोना के सफल इलाज के लिए पतंजलि योगपीठ का दावा सच साबित होता है तो ये बहुत बड़ी उपलब्धि होगी लेकिन फिलहाल आयुष मंत्रालय की इस दवा पर पुष्टि का इंतजार करना होगा। बेशक पतंजलि योगपीठ ने जटिल बीमारियों के इलाज को संभव बनाया है लेकिन कोरोना जैसी महामारी जिसके आगे चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे आगे रहने वाले देशों ने भी घुटने टेक दिए तो ऐसे में पतंजलि योगपीठ द्वारा तैयार इस दवा के आयुष मंत्रालय द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद कोरोना के सफल इलाज के लिए पूरी दुनिया भारत की ऋणी होगी।

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