आज रात देखें आकाश में अद्भुत खगोलीय घटना

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आज दिखेगा साल का सबसे बड़ा ‘पिंक सुपरमून’

दुनिया के अधिकतर देशों में कोरोना के मद्देनजर लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन के दौरान जहां लोगों को घरों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है और घर को कैद समझने लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर इस लॉकडाउन का प्रकृति पर बड़ा ही अच्छा प्रभाव पड़ रहा है। न गाड़ियों, कल-कारखानों का धुआं है और न ही गाड़ियों का शोर, अब न लोगों की भीड़ है और न ही गंदगी के कारण फैला प्रदूषण। लॉकडाउन ने प्रकृति को दोबार जीवित कर दिया है। प्रकृति के इस नए जन्म को देखकर कहा जा रहा है कि कोरोना महामारी का प्रकोप प्रकृति से खिलवाड़ का कारण ही है। अब प्रकृति खुलकर सांस ले रही है और इसीलिए पर्यावरण में काफी शुद्धता आई है। जानकारी के मुताबिक प्रदूषण के स्तर में भी कमी दर्ज की गई है। हालांकि कोरोना का कहर दुनिया पर छाया है लेकिन पर्यावरण और मौसम दोनों ही प्रकृति के स्वस्थ होने का संकेत दे रहे हैं। जब पर्यावरण में शुद्धता होती है तो अद्भुत खगोलीय घटनाएं भी घटित होती हैं। ऐसा ही कुछ आज होने वाला है। आज रात का चांद कुछ खास होगा।

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आज आसमान में दिखेगा सुपरमून

खूबसूरती की तुलना देने के लिए वैसे भी चांद लोकप्रिय है। चांद भी अपने कई रूप दिखाता है लेकिन दूषित पर्यावरण के कारण हम कई महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं को देखने से वंचित रह जाते हैं। आज की रात बेहद खास होगी क्योंकि आज आसमान में पिंक सुपरमून दिखने वाला है। पिंक सुपरमून क्या होता है वो भी आपको बताते चलें दरअसल लॉकडाउन के कारण प्रकृति खुलकर सांस ले रही है और इसीलिए महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाएं को हमें देखने का प्रकृति अवसर प्रदान कर रही है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है पिंक सुपरमून तो आज का चांद हर रात के चांद के आकार से बड़ा और बेहद चमकदार नजर आता है। लेकिन पिंक का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि चांद पिंक कलर का नज़र आएगा इसके पीछे वैज्ञानिकों ने का कहना है कि अमेरिका और कनाडा में इस मौसम में एक फूल खिलता है जिसे मॉस पिंक कहते हैं। इसके नाम पर ही इस मौसम में दिखने वाले इस सुपरमून को पिंक सुपरमून नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार सुपरमून चांद कऱीब 14 फीसदी तक बढ़ जाता है और इसकी चमक भी अद्भुत होती है जो करीब 30 फीसदी अधिक चमकदार होता है।

आज रात देखें आकाश में अद्भुत खगोलीय घटना

सुपरमून दिखने के पीछे कारण

वैज्ञानिकों के अनुसार जब चंद्रमा और पृथ्वी सूरज का चक्कर लगाते हुए एक-दूसरे के बेहद करीब आ जाते हैं। तो इस संयोग को पेरिजी कहा जाता है। जिस वक्त चांद और पृथ्वी एक-दूसरे के सबसे करीब होते हैं यानि पेरिजी में होते हैं उस दिन सुपरमून दिखने की खगोलीय घटना घटित होती है।

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इस साल का सबसे बड़ा सुपरमून

वैज्ञानिकों का मानना है कि आज यानि 7 अप्रैल 2020 का सुपरमून इस साल का सबसे बड़ा और बेहद खास होने वाला है। इसके आकार के साथ ही इसकी चमक भी सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली होगी। वहीं आपको बता दें मई में भी सुपरमून नज़र आएगा लेकिन आज की तुलना में छोटा। मई में दिखने वाला सुपरमून इस साल का आखिरी सुपरमून होगा।

क्या सुपरमून देखने के लिए उपकरण की आवश्यकता?

सुपरमून देखने के लिए आपको ग्रहण की तरह डरने की आवश्यकता नहीं है। आकाश में घटित होने वाली इस अद्भुत घटना कको देखने के लिए आपको किसी भी उपकरण की आवश्यकता नहीं है। आप अपनी छत या बालकनी से नंगी आंखों से इस अद्भुत खगोलीय घटना को देख सकते हैं। हालांकि इस दौरान कोरोना वायरस के चलते सोशल डिस्टेंसिंग को को न भूलें। छत, बालकनी पर जाने से पहले मास्क जरूर लगाएं। तो लॉकडाउन के बीच आप भी शुद्ध वातावरण में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए मास्क लगाकर आसमान की इस अद्भुत खगोलीय घटना ‘पिंक सुपरमून’ के साक्षी बन सकते हैं।

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