अबतक इतने बार पीएम मोदी हो चुके हैं भावुक, जानिए वजह

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संसद भवन की सीढियों पर माथा टेक कर प्रणाम किया। बस यहीं से शुरु हुई पीएम मोदी की भावुकता की सफर।

नई दिल्ली: 2014 में जब पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो सबसे पहले पीएम मोदी अपनी मां से मिले और फिर दिल्ली आकर काम-काज संभाला। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पहली बार संसद में बतौर सांसद और पीएम के रुप में प्रवेश कर रहे थे तो सबसे पहले वे संसद भवन की सीढियों पर माथा टेक कर प्रणाम किया। बस यहीं से शुरु हुई पीएम मोदी की भावुकता की सफर।

2014 में बतौर प्रधानमंत्री नरेंद मोदी जब संसद को संबोधित कर रहे थे तो उनकी आखों से देश के सामने पहली बार आंसू तब निकले थे, जब लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि उनके (मोदी) कृपा से सत्ता में आज बीजेपी की पूर्णबहुमत की सरकरा बनी है। तब पीएम मोदी ने पहली बेहद भावुक होते हुए कहा था कि जैसे जन्म देने वाली हमारी मां हैं वैसे भाजपा भी मेरी मां है।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अमेरिका दौरे पर थे और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग से मिले थे,तब जुकरबर्र अपनी सफलता के बारे में बात कर रहे थे तभी पीएम मोदी ने भी अपने जीवन की बाते बतानी शुरु कर दी, जिसमें उन्होंने चाय बेचने और मां के बर्तन साफ करने की बात करते हुए भावुक हो गए। तब पीएम मोदी दूसरी बार भावुक हुए थे।

और अब प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी जब जन औषधि केंद्र की सफलता और कोरोना वायरस पर शनिवार को देश के सामने वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए बात कर रहे थे तो उस वक्त भावुक हो गए। जब एक महिला ने कहा कि हमारे लिए आप (पीएम मोदी) भगवान से कम नहीं है। मुझे कई सालों लकवा मारा हुआ है और मेरी दवा 5 हजार की आती थी, लेकिन अब मेरी दवा मात्र पन्द्रह सौ में मिल जाती है। इसक लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। ये बातें सुनकर पीएम मोदी के आखों में आंसू आ गए और वो भावुक हो गए।