तबलीगी जमात ने क्वारैंटाइन सेंटर में डॉक्टरों से की बदसलूकी

तब्लीगी जमात के 167 लोगों को रेलवे ने तुकलाबाद में अलगाव शिविरों में रखा है।

Tablighi Jamaat (तब्लीगी जमात) के लोग जो Nizamuddin (निजामुद्दीन) से निकाले गए हैं, वे अपनी जांच और इलाज में डॉक्टरों का समर्थन नहीं कर रहे हैं। यह कहना है उत्तर रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार का। Tughlakabad (तुगलकाबाद) में रखे कुछ तबलीगी जमात के लोग मेडिकल स्टाफ को गाली दे रहे हैं, यही नहीं वे मेडिकल स्टाफ पर भी थूकते हैं और अनावश्यक चीजों की मांग करने लगते हैं।

कोरोनावायरस: तब्लीगी मरकज में कोरोना वायरस के 24 पॉजिटिव मामले

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरकज को खाली करने के बाद, Tablighi Jamaat (तब्लीगी जमात) के 167 लोगों को रेलवे ने तुकलाबाद में अलगाव शिविरों में रखा है। रेलवे के CPRO Deepak Kumar (सीपीआरओ दीपक कुमार) ने जानकारी देते हुए कहा कि डीजल शेड ट्रेनिंग सेंटर में 97 लोगों को रखा गया है और 70 लोगों को आरपीएफ बैरक में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, ये लोग मेडिकल स्टाफ को बिल्कुल भी सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। केंद्र में यहां-वहां घूमने के साथ-साथ गैर-जरूरी मांगें भी जारी हैं। इन लोगों ने इधर-उधर थूकने के साथ कर्मचारियों पर थूक दिया है। बता दें कि Coronavirus (कोरोना वायरस) को फैलाने में थूक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

तब्लीगी जमात के कारण 224 नए मामले आए सामने

निजामुद्दीन में तबलीगी जमात का निशान देश में कोरोना का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। दिल्ली में बुधवार को दर्ज किए गए 32 नए मामलों में से 29 इस निशान के हैं। इन लोगों के बीच अब तक 300 से अधिक कोरोना रोगी पाए गए हैं, जो पूरे देश में पहुंच चुके हैं। इनमें से 110 बुधवार को तमिलनाडु से निकले हैं।

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