बिहार विधानसभा चुनाव में फ्री वैक्सीन के बाद प्याज बना चुनावी मुद्दा

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yadavtejashw

बिहार विधानसभा चुनाव में महज कुछ ही दिन शेष है पहले कोरोना की फ्री वैक्सीन और अब प्याज इस विधानसभा चुनाव में नेता और जनता के आंसू निकाल रही है। एक तरफ लोग जहां प्याज के दाम बढ़ने से परेशान हैं वहीं दूसरी तरफ बिहार चुनाव में प्याज अब मुद्दा बन गया है। बता दें, बिहार चुनाव के बीच सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने महंगाई को मुद्दा बनाने की कोशिश की।इस दौरान तेजस्वी  प्याज की माला लेकर लोगों के सामने पहुंचे और प्याज -आलू की बढ़ती कीमतों पर लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला।

 तेजस्वी ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ”प्याज 100 रुपये के करीब पहुंचने वाला है। रोजगार नहीं है, लोगों के खाने के लाले पड़े हैं। प्याज की कीमत 50-60 रुपये होने पर जो लोग प्याज का रोना राते थे अब ये लोग कहां हैं। अब तो प्याज की कीमत 80 रुपये प्रति किलो के पार है। देशभर में गरीबों को पूछा नहीं जा रहा है, उन पर हमले किए जा रहे है।”

तेजस्वी ने अपने ट्विटर हैंडल पर टवीट कर भी लिखा, ”कमर तोड़ महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी से आम आदमी त्राहिमाम कर रहा है। काम-धंधा ठप्प है। किसान, मजदूर, नौजवान और व्यापारी वर्ग को खाने के लाले पड़े हैं। छोटे व्यापारियों को भाजपा सरकार ने मार दिया है। महंगाई बढ़ने पर ये लोग प्याज की माला पहन कर घूमते थे अब हम उन्हें यह सौंप रहे हैं।”

राजद नेता ने कहा कि चुनाव में महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है। छोटे व्यापारी नष्ट हो रहे हैं, गरीबी बढ़ रही है। जीडीपी गिर रही है, हम एक आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में बीजेपी व गठबंधन दल के लोग चुप हैं।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल से लेकर खाने-पीने के सामानों के दामों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में ‘ब्लेैक मार्केट’ बढ़ गया है।

बिहार में विधानसभा की 243 सीटों के लिए तीन चरणों में चुनाव होना है। इसके तहत प्रथम चरण के लिए 28 अक्टूबर को 71 सीटों पर, दूसरे चरण के लिए तीन नवंबर को 94 सीटों पर और तीसरे चरण के लिए सात नवंबर को 78 सीटों के लिए मतदान होगा। वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी।