भारत की तैयारी ऐसी कि कोरोना भी होगा नतमस्तक, जानिए कैसे

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दक्षिण एशियाई देशों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरोना वायरस को लेकर की गई पहल ये बताती है कि भारत किसी भी संकट की घड़ी में सिर्फ अपना स्वार्थ नहीं देखता है बल्कि उसे अपनों के साथ-साथ दूसरे देशों की भी फिक्र होती है।

नई दिल्ली: जरा आप कल्पना कीजिए कि आज जिस वायरस को लेकर पूरी दुनिया दहशत में है और इस खतरनाक वायरस के चलते भारी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। इनसब के बीच भारत कहां है? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानलेवा वायरस बन चुका कोरोना कोविड 19 का प्राकट्य चीन के वुहान से हुआ और ये चीन-भारत की जमीन से सटा हुआ है, लेकिन दुनिया के नक्शे पर भारत की स्थिति आज मजबूत क्यों है क्या इसके बारे में अभी तक आपने सोचा शायद नहीं।

दरअसल. जिस वायरस ने दुनिया के तकरीबन एक लाख बयासी हजार से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया हो और भारत चीन से सटे होने के बावजूद भी ये कह रहा हो कि हमारे यहां ये आकंड़ा तिहाई में है…तो ये बात इस बात की तस्दीक करती है कि भारत की तैयारी औऱ उसकी दृढ़इच्छा शक्ति कितनी मजबूत है। ये भारत सरकार और उसके नागरिकों की  दृढ़ इच्छाशक्ति ही है कि अभी तक कोरोना रुपी काल ने महज तीन लोगों को ही अपना निशाना बनाया है।

दक्षिण एशियाई देशों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरोना वायरस को लेकर की गई पहल ये बताती है कि भारत किसी भी संकट की घड़ी में सिर्फ अपना स्वार्थ नहीं देखता है बल्कि उसे अपनों के साथ-साथ दूसरे देशों की भी फिक्र होती है।

खबरो की मानें तो दुनिया के लगभग 124 देश कोरोना की चपेट में अब तक आ चुके हैं। दुनिया भर में अबतक पांच हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 68,304 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।

अभी कुछ दिन पहले कोरोना के काल से निपटने के लिए सार्क देशों के साथ चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि ‘’तैयार रहें, लेकिन घबराएं नहीं’ यही हमारे मार्गदर्शन का असली मंत्र है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये वाक्य विश्व समभाव को दर्शाता है।  भारत ने अब तक विदेशों से तकरीबन 1400 सौ से ज्यादा लोगों को स्वदेश ला चुका है। साथ ही पड़ोसी देशों का भी मद्द करते हुए कुछ नागरिकों विदेशों से निकाला है।

दुनिया अगर आज भारत का लोहा मानती है तो उसके पीछे भारत की अपनी एक मजबूत वैचारिक शक्ति है। भारत के पड़ोसी देशों पर जब भी संकट की घड़ी आई है भारत ने तुरंत संकट मोचक बनकर उनकी सहायता की है। फिर वो चाहे नेपाल में भूंकप हो याफिर दक्षिण एशिया में किसी भी प्रकार की जरुरत भारत सरकार सबसे पहले आगे आई है।

सार्क देशों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने 70 करोंड़ से ज्यादा आपात फंड देकर एक बाऱ फिर विश्व पटल पर भारत की मजबूत तस्वीर अख्तियार की है।

पीएम मोदी ने बीते सोमवार को ट्वीट करते हुए कहा कि ‘बहुत लोग कोविड-19 के लिए टेक्नोलॉजी के जरिए समाधान साझा कर रहे हैं। मैं उनसे @mygovindia पर अपने सुझाव साझा करने की अपील करता हूं। आपका ये प्रयास कई तरह से मदद कर सकता है।

कुलमिलाकर कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ने के मामले में भारत अभी तक अव्वल है और एहतियान तौर पर लगातार अपने लोगों को जागरुक कर रहा है।

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