भतीजे ने चाचा के छूए पैर तो क्या मिट गए बैर?

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2017 विधानसभा चुनाव से पहले जिस तरह से यादव परिवार में एक दूसरे के प्रति नफरत की लकीरें खीचीं गई थी वो लकीर क्या अब मिटती दिख रही है?

नई दिल्ली: प्रगतिशील समाजवादी के पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव जैसे ही सैफई में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंचे तो भतीजे अखिलेश यादव ने झुक कर चाचा शिवपाल के पैर छूए। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले जिस तरह से यादव परिवार में एक दूसरे के प्रति नफरत की लकीरें खीचीं गई थी वो लकीर क्या अब मिटती दिख रही है?

दरअसल, ये सवाल इस लिए भी लाजमी है क्योंकि उत्तर प्रदेश की जो मौजूदा स्थिति है वो 2017 से पहले वाली नहीं रही, कि जब राम मंदिर के साथ-साथ कई राष्ट्रीय मुद्दे हुआ करते थे, जिसपर जमकर राजनीति होती थी। अब वो सारे मुद्दे केंद्र के द्वारा सुलझाइए जा चुके है।

लिहाजा सैफई में यादव परिवार का सामुहिक मिलाप इस बात की ओर इशारा करता है कि अगर यूपी में साईकिल चलानी है तो राह मिलकर ही बनानी होगी। सैफई की तस्वीर ने 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यादव कुनबे की एकजुटता को दर्शाया है।

2017 के विधानसभा चुनाव के बाद ये पहला मौका था, जब चाचा और भतीजा सार्वजनिक मंच पर एक साथ दिखें। जिसके बाद सपा और प्रसपा कार्यकर्ताओं के बांछे खिल उठे। कार्यकर्ताओं ने भारी उत्साह में चाचा-भतीजा जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।

जाहिर है कि शिवपाल यादव ने सपा से अलग होकर 2018 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नाम से एक अलग पार्टी बनाते हुए तमाम सपा से नाराज लोगों को शामिल किया था। वर्तमान में शिवपाल यादव इटावा के जसवंत नगर से विधायक हैं।

इन सब के बीच 14 मार्च को राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होनी है। इस बैठक में संगठन को कैसे मजबूत किया जाए और पार्टी की रणनीति क्या हो इस बात पर चर्चा होगी। जिसमें सपा मुखिया अखिलेश यादव के अलावा कई बड़े सपा नेता हिस्सा लेंगे।

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