Navratri, Happy Navratri, Navratri 2020, 25th Navratri Start date,

नवरात्र के 9 दिन मां के नौ रूपों को समर्पित है। 9 दिनों तक चलने की वजह से ही इसे नवरात्र के नाम से जाना जाता है।

चैत्र नवरात्र की शुरुआत आज यानी बुधवार 25 मार्च से हो गई है। ये नवरात्र 2 अप्रैल तक जारी रहेंगे। 9 दिनों तक जारी रहने की वजह से इन्हें नवरात्र के नाम से जाना जाता है। नवरात्र के 9 दिनों में माता के नौ रूपों के साथ ही कुल देवी देवताओं की पूजा का विधान है, इसके कारण नवरात्र खास हो जाता है। माता के नौ रूपों का बखान शास्त्रों में जिन श्लोकों द्वारा किया गया है वह है…

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी।
तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति. चतुर्थकम्।।
पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च।
सप्तमं कालरात्रीति.महागौरीति चाष्टमम्।।
नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:।
उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना:।।

पहला दिन- मां शैलपुत्री

नवरात्र का पहला दिन मां शैलपुत्री के नाम समर्पित है। ये नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं। पर्वतराज हिमालय के के घर जन्म लेने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। इनकी पूजा करने से चंद्रमा से जुड़े सभी दोष समाप्त होते हैं।

दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी

नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना का विधान है। मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को पति स्वरूपाय के लिए घोर तपस्या की थी, जिस कारण ही इन्हें ब्रह्मचारिणी के नाम से जाना जाता है। इनकी पूजा-अर्चना से मंगल ग्रह के बुरे असर कम होते हैं।

तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा

नवरात्र का तीसरा दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा रूप का है। इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इनके स्वरूप के बात करें तो इनके माथे पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है। जिसके कारण इन्हें यह नाम मिला। इन देवी की पूजा से शुक्र ग्रह के बुरे असर कम होते हैं।

चौथा दिन- मां कुष्मांडा

नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की उपासना की जाती है। ऐसा कहा जाता है मां कुष्मांडा ने अपनी हल्की हंसी से ब्रह्मांड को उत्पन्न किया था। मां के स्वरूप का उल्लेख करें तो इनकी आठ भुजाएं हैं। सूर्य के कुप्रभावों से बचने के लिए मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है।

पांचवा दिन- मां स्कंदमाता

नवरात्र का पांचवा दिन मां स्कंदमाता का होता है। ऐसा माना जाता है, इनकी कृपा से मूर्ख विद्वान हो जाता है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता होने की वजह से इन्हें स्कंदमाता नाम से जाना जाता है। मां की उपासना बुध ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करती है।

छठा दिन- मां कात्यायनी

नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना से धन- धर्म- मोक्ष की प्राप्ति होती है। महर्षि कात्यायन ने पुत्री की इच्छा से मां भगवती की कठोर तपस्या की। तब देवी कात्यायनी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। जिससे इनका यह नाम पड़ा।

सातवां दिन- मां कालरात्रि

मां कालरात्रि को नवरात्र के सातवां दिन पूजा जाता है। इनकी उपासना भर से ब्रह्मांड की सारी सिद्धियों के दरवाजे खुल जाते हैं और सभी असुरी शक्तियों का खात्मा होता है।

आठवां दिन मां महागौरी

मां दुर्गा के आठवें स्वरूप का नाम मां महागौरी है। इनकी उम्र 8 साल मानी गई है। इनके आभूषण और वस्त्र श्वेत यानी सफेद होने की वजह से इन्हें श्वेताम्बरधरा भी कहा गया है। इनकी पूजा से राहु के बुरे असर कम होते हैं।

नौवां दिन- मां सिद्धिदात्री

नवरात्रि का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूरे ध्यान के साथ पूजा अर्चना करने वाले भक्तों को सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है, भगवान शिव ने भी सिद्धिदात्री की कृपा से ही सभी सिद्धियों को प्राप्त किया था। मां सिद्धिदात्री केतु ग्रह को नियंत्रित करती हैं।

AB STAR NEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते हैं