कोरोना पॉजिटिव महिला ने स्वस्थ बच्चे को दिया जन्म

गर्भ में पल रहे बच्चे की कौन कर रहा हिफाज़त ?

कोरोना वायरस एक कहर बनकर दुनिया पर टूट पड़ा है। इस वायरस से संक्रमित होने की कोई आयु सीमा नहीं है। नवजात से लेकर 80 साल के बुजुर्ग को भी आसानी से ये वायरस अपनी चपेट में ले सकता है। इस दौरान जो गर्भवती महिलाएं हैं उनके लिए काफी चिंताजनक स्थिति है। चूंकि लगभग सारी बीमारियां जेनेटिक होती हैं यानि की एक बीमारी का कई पीढ़ियों तक ट्रांसफर हो सकता है। ऐसे में कोरोना जैसी महामारी के संबंध कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन दिल्ली के एम्स में कुदरत का करिश्मा देखने को मिला।

डॉक्टरों के लिए चुनौती बनी कोरोना पॉज़िटिव महिला की डिलीवरी

कहते हैं ईश्वर से बड़ा कोई नहीं होता। जहां पूरी दुनिया कोरोना की महामारी से जूझ रही है। ऐसे में कोरोना वायरस ने एम्स में कार्यरत डॉक्टर और उनकी गर्भवती पत्नी को भी अपनी चपेट में ले लिया। डिलीवरी को लेकर संशय था कि कहीं नवजात में भी कोरोना के लक्षण न हो लेकिन कुदरत का करिश्मा था कि महिला ने बिल्कुल स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। दिल्ली का ये पहला मामला है जिसमें कोरोना पॉजिटिव मां से स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ है। दिल्ली के एम्स में ही बच्चे का जन्म सीजेरियन हुआ और मां और बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं लेकिन एहतियातन डॉक्टर दोनों के स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे।

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कोरोना पॉजिटिव महिला ने स्वस्थ बच्चे को दिया जन्म

कोरोना पॉजिटिव महिला की डिलीवरी के लिए डॉक्टर्स की तैयारी

एम्स के मेडिकल सुप्रिटेनडेंट डॉ. डीके शर्मा ने इस डिलीवरी को लेकर डॉक्टरों की टीम द्वारा बरती गई सावधानियों को साझा किया। कोरोना पॉजिटिव महिला की डिलीवरी को लेकर डॉक्टर पूरी तरह से तैयार थे। डॉ. नीरजा बैटला की टीम ने इस जटिल केस की सर्जरी की। डॉक्टर ने बताया कि हमारी टीम ने सर्जरी के दौरान सभी प्रोटोकॉल को फॉलो किया। सर्जरी के दौरान सभी डॉक्टर ने पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट पहना था और इन इक्विपमेंट को इस्तेमाल से पहले डिसइनफेक्ट किया गया। डॉ. नीरजा ने बताया कि बच्चे के ब्लड सैंपल के लिए जल्द हम निर्णय लेंगे। इसके अलावा बच्चे को फीड कराने की भी परमिशन दी है। इस संबंध में डॉक्टर का कहना है कि कोरोना का संक्रमण मां के दूध से नहीं फैलता है। फिलहाल मां और बच्चे को क्वारेंटाइन किया गया है।

संक्रमित मां से स्वस्थ बच्चे के जन्म का भारत में पहला, दुनिया में दूसरा मामला

भारत में दिल्ली का ये पहला मामला है जब कोरोना पॉजिटिव मां ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है लेकिन विश्व में ये दूसरा मामला है। चीन में पिछले महीने एक कोरोना पॉजिटिव महिला ने भी स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची के जन्म के बाद उसके ब्लड सैंपल की जांच की गई जिसमें बच्ची की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। कुछ दिन बाद डॉक्टरों ने बच्ची का फिर से ब्लड सैंपल का टेस्ट किया इसमे भी रिपोर्ट नेगेटिव ही आई।

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कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं से जन्मे बच्चों के मामलों पर विश्लेषण की आवश्यकता

चीन के बाद भारत में दिल्ली के एम्स में कोरोना पॉजिटिव महिला से स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ है। ऐसे में ये दोनों मामले भी शोध का विषय हैं कि आखिर गर्भवती महिला के पॉजिटिव होने पर कौने से वो कारण हैं जिनसे बच्चे की सुरक्षा होती है और क्या इस बात की स्पष्ट तौर पर पुष्टि की जा सकती है कि कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला के बच्चे पर कोरोना का हमला नहीं होगा और जन्म से कितनी समयावधि तक बच्चा संक्रमण से सुरक्षित रह सकता है।

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