ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने अपने चिट्ठी में कोरोना वायरस COVID-19 से लड़ने की बात कही है ।

नई दिल्ली: ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने भारत को पत्र लिखकर अमेरिकी प्रतिबंधों से आजादी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। रुहानी सरकार ने ये मदद कोरोना वायरस से प्रभावित होने के चलते लगाई है।    

ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने अपने चिट्ठी में कोरोना वायरस COVID-19 से लड़ने की बात कही है । उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि कोरोनो के खिलाफ लड़ाई के लिए संयुक्त रुप से अंतरराष्ट्रीय उपायों की जरुरत है। साथ ही रुहानी ने इस महामारी से निपटने के लिए ठोस रणनीति बने इस बात को लेकर भी जोर दिया है।

ईरानी राष्ट्रपति आगे लिखते है कि वायरस कोई सीमा नहीं पहचानता  है और न ही कोई धार्मिक और जातिगत समुदाय को पहचानता है। तमाम अवधारणाओं से ऊपर उठकर ये लोगों की सिर्फ जान लेता है। लिहाजा इस गंभीर वायरस से बचने को लिए रणनीतिक तौर पर पूरी दुनिया को एक साथ आना चाहिए।  

इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने भी ट्वीट करके अमेरिका से प्रतिबंध हटाने को लेकर अप्रत्यक्ष रुप से आग्रह किया है। जरीफ ने ट्वीट में लिखा कि ऐसे नाजुक वक्त में प्रतिबंध लगाना बेहद अनैतिक है। इससे कहीं ज्यादा बेगुनाहों की जान जाते देखना घोर अनैतिक है। कोई भी जानलेवा वायरस न तो राजनीति देखता है और न ही सीमा।

जाहिर है कि वित्तीय लेन देन, तेल,गैस, उड्डयन और जहाज़रानी के क्षेत्रों में अमेरिका और ईरान व्यापारिक रिश्ते रखते हैं।  जिसपर फिलहाल अमेरिका की ट्रंक सरकार ने प्रतिबंध लगाया हुआ है।

आपको बता दें कि ये कोई पहली मर्तबा नहीं है जब ईरान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत से मदद की गुहार लगाई हो, इससे पहले भी ईरान ने भारत से अमेरिका और ईरान के बीच शांति बहाल करने को लेकर आग्रह कर चुका है। ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद ईऱान और अमेरिका के बीच जब युद्ध जैसै माहौल बन रहे थे तो भारत में ईऱान के राजदूत अली चेगिनी ने कहा था कि हम भारत से आग्रह करते है कि दोनों देशो के बीच भारत शांति  बहाली करवाने के लिए ईरान की मदद करे।

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