नोएडा के डीएम में नायक के अनिल कपूर की झलक

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राशन की कमी पर अधिकारी को फटकार

कोरोना महामारी के कारण पूरा देश मुश्किल में है और इस जंग से लड़ने में जुटा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में लगातार बढ़ती कोरोना संक्रमण की संख्या और लापरवाही के चलते सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर उन्हे जमकर लताड़ लगाई थी। इतना ही नहीं डीएम बीएन सिंह का ट्रांसफर कर जांच के आदेश दिए। इसके बाद नोएडा की जिम्मेदारी संभालने के लिए सुहास एलवाई पर सीएम ने भरोसा जताया। डीएम की कुर्सी संभालते ही सुहास एलवाई पूरे एक्शन में नजर आ रहे हैं। नोएडा की कमान को संभालते हुए सुहास एलवाई पूरी सख्ती के साथ काम करते नजर आ रहे हैं। पहले स्कूल और शिक्षण संस्थानों को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें लॉकडाउन पीरियड में फीस न लेने का आदेश दिया और उल्लंघन करने पर 1 साल की जेल की सजा का भी अधिकारियों को आदेश दिया तो वहीं अब डीएम सुहास एल वाई ने महिलाओं को राशन को लेकर हो रही परेशानी को बड़े ही तेवर के साथ सुलझाया।

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राशन पहुंचाओ वरना मैं तुम्हारे ऑफिस आ रहा हूं

ये वाक्य काफी है उन अधिकारियों को नींद से जगाने के लिए जो लॉकडाउन की आड़ में जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे थे। दरअसल डीएम सुहास एलवाई के सेक्टर 27 स्थित आवास के बाहर कई महिलाएं शिकायत लेकर पहुंची। इन महिलाओं ने डीएम को बताया कि पिछले 17 दिनों से राशन की काफी कमी हो गई है। उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने महिलाओं से उनका पता जाना और महिलाओं के सामने ही अधिकारी को फोन कर फटकार लगाई और इन महिलाओं तक तुरंत राशन पहुंचाने का आदेश दिया।

नोएडा के डीएम सुहास एलवाई के तेवर से अधिकारी पस्त

नोएडा के डीएम का पद संभालते ही सुहास एलवाई ने हालात को सुधारने की राह में सख्त तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। डीएम सुहास एलवाई के फैसलों से नोएडा के लोग काफी खुश हैं तो वहीं अधिकारियों की नींद उड़ गई है। सीएम योगी ने जिस तरह सुहास एलवाई पर विश्वास जताया डीएम सुहास एलवाई उनके फैसले का पूरा मान रख रहे हैं और उनके सख्त आदेशों में उनके नेतृत्व की क्षमता भी साफ स्पष्ट हो रही है। अभी हाल ही में जिस तरह नोएडा के अभिभावकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से लॉकडाउन में भी स्कूल द्वारा फीस की मांग पर परेशानी जताई थी, डीएम सुहास एलवाई ने पदभार संभालते ही उनकी समस्या को संज्ञान में लेते हुए स्कूल, शिक्षण संस्थाओं के साथ ही सभी थानों में आदेश की कॉपियां भेजी थीं। जिसमें लॉकडाउन पीरियड में अभिभावकों से फीस लेने वाले स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई कर 1 साल की जेल का आदेश दिया गया था। इस फैसले के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली तो वहीं राशन की कमी की सूचना मिलते ही डीएम सुहास एल वाई ने अधिकारी को फोन कर फटकार लगाई और तुरंत राशन भिजवाने का आदेश दिया जिसके फौरन बाद महिलाओं को राशन उपलब्ध करा दिया गया।

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नोएडा डीएम सुहास एल वाई के अहम फैसले

डीएम सुहास एलवाई अपने फैसलों के कारण लोगों के बीच बड़े ही कम समय में लोकप्रिय हो गए हैं। डीएम का पद संभालते ही सुहास एलवाई ने सबसे पहले सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जिसमें नोएडा जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नोएडा अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ओर से कोरोना को लेकर हर समस्या के समाधान की व्यवस्था की गई है। डीएम ने इस कंट्रोल रूम के लिए 1800 419 22 11 टोलल फ्री नंबर जारी किया है। इस नंबर पर कॉल करके लोग सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद सुहास एलवाई ने 300 सर्विलांस टीमों का गठन किया। इस टीम को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्य रूप से ऐसे संदिग्ध नागरिकों की पहचान की जा रही है जो निजामुद्दीन के तबलीगी जमात में हिस्सा लेकर लौटे हैं। सुहास एल वाई ने कोरोना के मामले रोकने की दिशा में निर्णय लेते हुए दिल्ली से जुड़ने वाली सीमाओं को सील करने का आदेश दिया क्योंकि पलायन कर रहे मजदूरों के कारण नोएडा में कोरोना के मामलों में तेजी आ गई थी। इसके अलावा डीएम ने जिले में शेल्टर होम्स बनवाए जो किसी कारणवश यहां रुकने को मजबूर हैं अथवा सरकार ने जाने की अनुमति नहीं दी है उनके लिए शेल्टर होम्स की व्यवस्था की गई है। इन शेल्टर होम्स में समाजसेवी संस्थाओं की मदद से भोजन की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज में कोई बाधा न आए इसके लिए डीएम ने जिले के 4 अस्पतालों का अधिग्रहण किया है। जिनमें सुरभि हॉस्पिटल, भारद्वाज हॉस्पिटल, लाइफ केयर हॉस्पिटल और इंडो गल्फ हॉस्पिटल शामिल है। डीएम सुहास एल वाई के नेतृत्व में नोएडा के हालात सुधरने का संकेत दे रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच डीएम का पदभार ग्रहण करने वाले सुहास एलवाई के लिए नोएडा एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर सामने आया। हालांकि जनहित में अपने सख्त फैसलों के कारण सुहास एलवाई ने कम समय में ही लोकप्रियता हासिल कर ली है।

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