डॉक्टर्स की माने तो खांसी दो तरह की होती है जिन्हें घरेलू तरीकों से दूर किया जा सकता है।

खांसी होना एक आम सी बात है, हर किसी को कभी न कभी खांसी हो ही जाती है। ये जितनी आम समस्या है उतना ही आसान इसका इलाज भी है। तो चलिए आपको बताते हैं खांसी दूर करने वो आसान उपाय, जिसे आप घर बैठे-बैठे अपनी खांसी दूर कर सकते हैं।

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मौसमी बीमारी है खांसी

खांसी एक ऐसी आम बीमारी है, जो वातावरण में बदलाव के साथ बच्चों और बड़ों किसी को भी अपनी चपेट में ले लेती है। हालांकि बच्चों में आम तौर पर खांसी का कारण मौसम में बदलाव होता है। वहीं बड़ों में खांसी का कारण आमतौर पर खाने-पीने में लापरवाही होता है।

दो तरह की होती है खांसी

आमतौर पर खांसी दो तरह की होती हैं। जिसे सूखी खांसी और गीली खांसी में विभाजित किया गया है। सूखी खांसी में व्यक्ति को धसका-सा लगता है और गले में ज्यादा परेशानी होती है इतना ही नहीं  आवाज में भी बदलाव आ जाता है। जबकि गीली खांसी में खांसी के साथ कफ की परेशानी सामने आती है। साथ ही पसलियों (चेस्ट) में भी दर्द की शिकायत रहती है।

जानें कैसी खांसी में क्या करें

आपने अक्सर लोगों से सुना होगा कि खांसी के घरेलू इलाज के रूप में लोग हल्दी वाला दूध पिने , मुलैठी खाने या फिर कई और घरेलू नुस्खे अपनाने की सलाह देते हैं। लेकिन इस दौरान कोई ये नहीं बताता कि किस खांसी में आपको क्या खाने से फायदा होगा और क्या नुकसान।

गीली खांसी में ना लें हल्दी का दूध

जी हां, अगर आपको गीली खांसी की शिकायत है तो यानी आपको खांसी के साथ कफ की परेशानी है तो आपको हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए। क्योंकि दूध से कफ की समस्या और बढ़ सकती है।

गीली खांसी का घरेलू उपाय

गीली खांसी की शिकायत में आपको मुलेठी और काली मिर्च के पाउडर को शहद में मिलाकर पेस्ट बना लेना चाहिए। इस पेस्ट को उंगली या चम्मच से धीरे-धीरे चाटते हुए इसका सेवन करना चाहिए।

सूखी खांसी में ना लें मुलेठी

सूखी खांसी जिसमें लोगों को गले में अधिक परेशानी रहती है और कफ नहीं आ रहा होता है तो आपको मुलेठी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे आपको फायदा नहीं होगा। बल्कि कुछ केस में धसका उठने की परेशानी बढ़ सकती है।

सूखी खांसी में क्या करें?

अगर आपको सूखी खांसी है तो आपको इससे छुटकारा पाने के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन करना चाहिए। ये आपकी खांसी को जल्द ठीक करने का काम करेगा। साथ ही खांसी की वजह से होने वाली परेशानी जैसे वीकनेस और मसल्स पेन में भी राहत दिलाएगा।

बच्चों को है अधिक देखभाल की जरूरत

अगर बदलते मौसम की वजह से बच्चों को खांसी हो गई है तो उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर बदलते मौसम में हुई खांसी का सही समय पर इलाज नहीं कराया गया तो ये मौसमी खांसी उनमें निमोनिया का रूप भी ले सकती है।

बरतें ये सावधानियां

बदलते मौसम में खांसी की परेशानी से खुद को बचाने के लिए ज्यादा ठंडी चीजों का इस्तेमाल बिलकुल ना करें। चिकनी और डीप फ्राइड चीजों का इस्तेमाल बिलकुल ना करें। साथ ही गुनगुने पानी का प्रयोग करें। जितना संभव हो सके रात को दही से दूरी बना कर रखें। बासी खाने का इस्तेमाल न करें।

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