साबुन है कोरोना वायरस से लड़ने का मजबूत हथियार !, सैनिटाइजर नहीं

कोरोना से बचने के लिए लोग साबुन या सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं लेकिन दोनों में से बेहतर क्या है इसका खुलासा हुआ है।

चीन के वुहान शहर से बढ़कर पूरी दुनिया पर अपना कहर बरसा रहे कोरोना वायरस से अब तक 100 से ज्यादा शहर संक्रमित हो चुके हैं। अकेले भारत में इस वायरस के करीब 60 से अधिक मामले सामने आए हैं। लोग इस वायरस से खुद को सुरक्षित रखने के लिए साबुन या सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन अब इसे लेकर बहस छिड़ गई है कि दोनों में से बेहतर क्या है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स के प्रोफेसर पॉल थॉर्डर्सन ने साबुन को इस वायरस से खुद का बचाव करने के लिए बेहतर विक्लप कहा है। थॉर्डर्सन की माने तो साबुन वायरस में मौजूद लिपिड को आसानी से खत्म कर सकता है। बता दें, साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व मौजूद होते हैं जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है।

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साबुन में मौजूद यही तत्व वायरस की बाहरी परत (लेयर) को निष्क्रिय करने का काम करते है। लगभग 20 सेकंड तक हाथ को साबुन के साथ धोने से चिपचिपा पदार्थ नष्ट हो जाता है जो वायरस को एकसाथ जोड़कर रखता है। ये तो आपने भी महसूस किया होगा कि जब भी हाथ धोने के लिए साबुन का इस्तेमाल किया जाता है तो स्किन थोड़ी ड्राइ हो जाती है और उसमें कुछ झुर्रियां दिखाई देने लगती है। दरअसल ये इसलिए होता है क्योंकि साबुन काफी गहराई तक जाकर कीटाणुओं को मारने का काम करता है। वहीं बात करें सैनिटाइजर की तो जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च की माने तो जेल, लिक्विड या क्रीम के रूप में मिलने वाला सैनिटाइजर इस घातक कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना कारगर नहीं है। इस वायरस का सामना वहीं सैनिटाइजर कर सकता है जिसमें एल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। आम तौर पर प्रयोग होने वाला साबुन इस वायरस से लड़ने के लिए ज्यादा बेहतर ऑप्शन है।

गौरतलब है कि इस जानलेवा कोरोना वायरस ने चीन में हजारों वहीं इटली, ईरान जैसे देशों में सैकड़ों लोगों की मौत की नींद सुला दिया है। WHO ने तो इसे बड़ी महामारी तक घोषित कर दिया है।

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