आम सर्दी-जुकाम से कितना अलग है Corona Virus ? जानिए

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WHO ने कोरोना के जो लक्ष्ण बताए हैं उनमें तेज बुखार, सुखी खांसी, जुकाम, मांसपेशियों में दर्द और पूरे शरीर में थकावट महसूस होती है।

चीन से फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। भारत में भी ये वायरस धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है। भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 100 के पार जा चुकी है। इसके अलावा ये वायरस अब तक भारत में तीन लोगों की जान भी ले चुका है। अब ऐसे में इस वायरस का खात्मा कब और कैसे होगा ये अभी भी एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है। कोरोना इसलिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है क्योंकि इसके लक्षण आम सर्दी-जुकाम के लक्ष्णों से बहुत मेल खाते है। तो आज हम आपको कोरोना वायरस के उन लक्ष्णों के बारे में बताने जा रहे हैं जो होते तो आम सर्दी जुकाम की तरह है लेकिन वो इनसे थोड़े अलग होते है।

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आम सर्दी-जुकाम से कितना अलग है Corona Virus

वैसे तो कोरोना वायरस आम सर्दी-जुकाम से ज्यादा अलग नहीं है। अगर दोनों बिमारियों के लक्ष्णों की बात करें तो दोनों में काफी समानता है। WHO ने कोरोना के जो लक्ष्ण बताए हैं उनमें तेज बुखार, सुखी खांसी, जुकाम, मांसपेशियों में दर्द और पूरे शरीर में थकावट महसूस होती है। इस तरह के लक्ष्ण आम सर्दी-जुकाम में भी देखने को मिलते है। मौसमी फ्लू या इंफेक्शन में भी सुखी खांसी, गले में दर्द, तेज बुखार और जुकाम जैसे लक्ष्ण होते है। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ और सेप्टिक शॉक जैसी परेशानियां होती हैं। इसके अलावा शरीर के कई अंग काम करना भी बंद कर देते हैं। जोकि आम सर्दी जुकाम में नहीं होता।

कोरोना के लक्ष्ण एकदम से दिखाई नहीं देते ब्लकि ये 2 से 10 दिनों के बीच में दिखाई देते हैं। जिसके चलते ये वायरस पूरी तरह से शरीर में फैल जाता है। कोरोना वायरस के इलाज के लिए अब तक कोई भी वैक्सीन अब तक इजात नहीं की गई है। जबकि आम सर्दी-जुकाम के लिए कई तरह की वैक्सीन और दवाईयां बनाई गई हैं।

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कोरोना वायरस को फैलने से कैसे रोकें

हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें

खांसते और छींकते वक्त डीस्पोज़ेबल टिशू का इस्तेमाल करें

इस्तेमाल किए गए टिशूज को फैंक दें इसके बाद हाथ धो लें

टिशू नहीं है तो खांसते और छींकते वक्त अपनी बाजू का इस्तेमाल करें

बिना हाथ धोएं अपनी आंखों, नाक और मुंह को न छूएं

जो बिमार हैं उनके संपर्क में न आने की पूरी कोशिश करें