तेलंगाना में 3 जून तक लॉकडाउन !

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क्या उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी लॉकडाउन की अवधि ?

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण पूरे देश में 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन का ऐलान किया गया। धीरे-धीरे लॉकडाउन को समाप्त करने का समय जैसे ही करीब आने लगा, पूरे देश के हालात बुरे होते चले गए। तबलीगी जमात के मामले के बाद पूरे देश कोरोना के संक्रमण के मामले तीव्र गति से बढ़ने लगे। अब देश के सामने संकट आ गया है कि आखिर लॉकडाउन को खत्म किया जाए अथवा नहीं।

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तेलंगाना में सीएम का देशहित में सुझाव

तेलंगाना में बीते शुक्रवार को सबसे अधिक 75 कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से हड़कंप मच गया। इतना ही नहीं दो लोगों की मौत भी हो गई। ये दो लोग तबलीगी जमात से जुड़े लोग थे। आपको बता दें मरकज में शामिल होने तेलंगाना से करीब 1030 लोग दिल्ली पहुंचे थे। जिसमें से 190 लोग पॉजिटिव पाए गए। पूरे राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या का आंकड़ा 229 के ऊपर पहुंच चुका है और लगातार वृद्धि हो रही है। इनमें 82 फीसदी तबलीगी जमात के लोग हैं। इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात ये है कि अभी तबलीगी जमात के करीब 500 लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है। तेलंगाना के 1030 लोग जो तबलीगी जमात में पहुंचे थे इनके कई मामले पॉजिटिव आने के बाद और करीब 500 रिपोर्ट के आने के बाद हालात क्या होंगे इसे अच्छी तरह समझा जा सकता है। इन्हीं हालातों से भविष्य के खतरे को भांपते हुए तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव ने राज्य की सुरक्षा के मद्देनजर पीएम मोदी से लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने की अपील की है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने कोरोना और लॉकडाउन के संबंध में पीएम मोदी को दिए सुझाव में कहा कोरोना के खिलाफ देश का एकमात्र हथियार लॉकडाउन ही है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम से कहा कि देशवासियों की जान बचाने के लिए ये निर्णय लेना जरूरी है। सीएम चंद्रशेखर राव ने कहा कि ‘मैं देश में लॉकडाउन को 15 अप्रैल के बाद भी जारी रखने के पक्ष में हूं क्योंकि हम आर्थिक समस्या से उबर सकते हैं लेकिन हम लोगों की जानें फिर से रिकवर नहीं कर पाएंगे।’ सीएम चंद्रशेखर राव के सुझाव और अपील को ऐलान के तौर पर मीडिया में प्रस्तुत किया जाने लगा। इसी बीच तेलंगाना में 3 जून तक लॉकडाउन के ऐलान की खबर सामने आने लगी, जिस पर 3 जून तक तेलंगाना में लॉकडाउन की खबर का मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से खंडन किया गया है साथ ही सीएम चंद्रशेखर राव ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने पीएम मोदी से 15 अप्रैल के दो हफ्ते बाद तक लॉकडाउन की मांग की है।

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क्या उत्तर प्रदेश में खत्म होगा लॉकडाउन ?

तेलंगाना में सीएम ने भविष्य पर मंडरा रहे खतरे को फिलहाल रोकने का प्रयास करते हुए पीएम मोदी से लॉकडाउन पीरियड को बढ़ाने की मांग की है वहीं अगर हम बात उत्तर प्रदेश की करें तो क्या उत्तर प्रदेश के हालात लॉकडाउन को खत्म करने के लिए अनुकूल हैं ? तबलीगी जमात के मामले के बाद पूरे देश में कोरोना का प्रकोप तीव्र गति से फैल गया है। अब 14 अप्रैल आने से पहले जिस गति से कोरोना के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है वो बेहद चौंकाने वाली है। अभी पिछले दिनों ही उत्तर प्रदेश की सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी टीम के साथ बैठक कर लॉकडाउन को खोलने के सुझाव मांगे थे। चरणबद्ध तरीके से कैसे लॉकडाउन खोला जाए, किस तरह सेवाओं का आदान-प्रदान हो इस पर विचार किया जा रहा था। लेकिन अचानक कोरोना के मामलों में आई तेजी ने सरकार के विचार को चुनौती दे डाली। देश के सबसे बड़े राज्य की स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवनीश अवस्थी ने उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन को खत्म करने अथवा जारी रखने पर चल रही उधेड़बुन के बीच लॉकडाउन जारी रहने के संकेत दिए हैं। अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोरोना वायरस का एक भी मामला प्रदेश में रहेगा तो लॉकडाउन नहीं खोला जाएगा।

लॉकडाउन को लेकर पीएम मोदी का संकेत

लॉकडाउन के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान लॉकडाउन खोलने को लेकर मंत्रियों से प्लान तैयार करने के लिए कहा था। हालांकि ये प्लान उन जगहों के लिए बनाने पर विचार किया जा रहा है जहां कोरोना के मरीज ज्यादा नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर लगातार करोना संक्रमितत मरीजों की संख्या में इज़ाफा को देखते हुए पीएम मोदी ने एक संकेत भी दिया है जिसमें पीएम मोदी ने कहा है कि कोरोना के खिलाफ जंग लंबी चलने वाली है।

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क्या कोरोना के बढ़ते मामले बढ़ाएंगे लॉकडाउन की अवधि ?

हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी ऐलान से पहले ये स्पष्ट कहना मुश्किल है कि लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया जाएगा अथवा खत्म किया जाएगा लेकिन पीएम मोदी और यूपी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवनीश अवस्थी के बयानों से जाहिर हो रहा है कि शायद देशहित में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने कोरोना से संक्रमण और मौत के आंकड़ों का विश्लेषण कर बताया कि कोरोना के सबसे अधिक मामले 76 फीसदी पुरूषों में है     और 24 फीसदी महिलाओं में है। तो वहीं 63 फीसदी मौतों में 60 साल से ऊपर के व्यक्ति मौजूद रहे। 30 फीसदी मृतकों की उम्र 40 से 60 साल के बीच पाई गई है जबकि 7 फीसदी मामलों में 40 से कम उम्र के व्यक्ति शामिल हैं। इन आंकड़ों के आधार पर देश की स्थिति को समझा जा सकता है। इसमें कोई शक नहीं है कि जिस तरह भारत ने सही वक्त पर लॉकडाउन का फैसला लेकर देश में कोरोना के मामलों पर काफी हद तक विराम लगा दिया, ठीक उसी तरह 15 अप्रैल को लेकर देशहित में बड़ा फैसला लेने की जरूरत है।

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