कितना मुश्किल होता है धार्मिक किरदार निभाना ?

राम ने बताया धार्मिक किरदार निभाना अग्निपरीक्षा के समान

रामानंद सागर की रामायण का प्रसारण 28 मार्च से शुरू हो चुका है और बड़ी ही दिलचस्प बात है कि दोबारा प्रसारण के बावजूद लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। लॉक डाउन का पालन करते हुए लोग अपने घरों में बैठकर पुरानी यादों के एक बार फिर से तरोताज़ा कर रहे हैं, पुराने दिनों को फिर से जी रहे हैं। रामायण के प्रसारण को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने बधाई दी है और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का धन्यवाद किया है।

जानें रामनवमी की खास जानकारी, तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

कितना मुश्किल था राम में रमना ?

रामायण का मुख्य किरदार भगवान राम की भूमिका निभाकर सुर्खियां बटोरने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने रामायण के ऑडिशन से लेकर प्रसारण तक के सफर को साझा किया। अरुण गोविल ने बताया कि रामानंद सागर के साथ वो पहले ही ‘विक्रम और बेताल’ में काम कर चुके थे और इस धारावाहिक ने भी काफी लोकप्रियता हासिल की। पीटीआई के एक इंटरव्यू में अरुण गोविल ने बताया कि जिस राम के किरदार को निभाकर वो सभी के दिलों पर राज करने लगे थे उस किरदार के ऑडिशन के लिए उन्हें पहली ही बार में रिजेक्ट कर दिया गया था। दरअसल फोटोशूट में भगवान राम की छवि का लुक नहीं आ रहा था। उन्हें नहीं पता था कि क्या ऐसा करें जिससे वो भगवान राम की छवि को उभार सके। फिर उन्होंने अपने फोटोशूट में राम के गेटअप के साथ एक स्माइल जोड़ दी और बस इस स्माइल ने काम कर दिया और राम के किरदार के लिए उन्हे साइन किया गया।

दिव्यांका त्रिपाठी ने कोरोना को लेकर किया विवादित ट्वीट, ट्रोलर्स से…

राम की भूमिका हर किरदार पर भारी

कहते हैं जब कोई व्यक्ति भगवान का रूप धारण करता है अथवा अभिनय करता है तो भगवान की छवि उस शख्स में नजर आने लगती है। कुछ ऐसा ही हुआ अरुण गोविल के साथ। भगवान राम के किरदार में दर्शकों ने उन्हें इतना अधिक पसंद किया कि लोग सच में उन्हें भगवान ‘राम’ पुकारने लगे और जहां भी वो जाते लोग बड़े ही सम्मान के साथ उनका आदर-सत्कार करने लगते। भगवान राम की भूमिका में अरुण गोविल इतना रम गए थे कि अब ‘राम’ से अरुण गोविल को वापस ला पाना ही असंभव हो गया। इतनी जबरदस्त पहचान बना पाना वाकई बड़ा मुश्किल काम है लेकिन इस पहचान का खामियाज़ा भी उन्हे भुगतना पड़ा क्योंकि अब उनका करियर भगवान राम तक ही सीमित हो गया। जब अरुण गोविल ने फिल्म इंडस्ट्री में वापसी करने की सोची तो उन्हें निराशा हाथ लगने लगी। डायरेक्टर्स का कहना था कि भगवान राम की छवि इतनी मजबूत हो चुकी है कि कोई और किरदार आपको नहीं दे सकते। धीरे-धीरे इस निराशा को देखने को उनका दृष्टिकोण बदला और फिर उन्हें एहसास हुआ कि भगवान राम की शायद यही इच्छा है। जिस लोकप्रियता को बनाने में एक अभिनेता अपनी पूरी जिंदगी लगा देता है वो लोकप्रियता उन्हे भगवान राम ने उपहारस्वरूप दी है और इसे तहे दिल से स्वीकार करना चाहिए।

अभिनय से नहीं किया ब्रेकअप

अरुण गोविल ने बताया कि हालांकि उन्हें अब राम जैसा कोई लीड रोल नहीं मिलता लेकिन अभिनय में उनकी रुचि जीवन भर रहेगी और वो आज भी छोटे-मोटे किरदार के साथ पर्दे पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहते हैं। इसके साथ ही अरुण गोविल का कहना है कि अभिनय में दमदार रोल का इंतजार उन्हें अब भी है और अगर उन्हे कोई दमदार रोल मिलता है तो वो जरूर पर्दे पर वापसी करेंगे।

AB STAR NEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते हैं