अप्रैल से अगस्त तक परिवहन विभाग ने कमाए 99.6 लाख रुपये

अक्सर लोग पसंद की गाड़ी खरीदने को लेकर उत्सुक रहते हैं लेकिन सिर्फ गाड़ी ही नही बल्कि उसके नंबर को लेकर भी लोगों में खासा क्रेज़ देखने को मिलता है। दिल्ली वालों में फैंसी नंबर को लेकर क्रेज कम नहीं हुआ है। मई की तुलना में जुलाई में कार की बिक्री में पांच गुना वृद्धि हुई थी। इस महीने पसंदीदा श्रृंखला 0009 की बोली 10.1 लाख रुपये तक चली गई। ये कोविड -19 के प्रकोप के बाद सबसे अधिक बोली थी।

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लॉकडाउन के कारण मार्च में बंद होने के बाद अप्रैल में फैंसी नंबर की ई-नीलामी फिर से शुरू हुई। हालांकि श्रृंखला 9000 में से केवल एक पंजीकरण संख्या की नीलामी की गई और परिवहन विभाग ने 1.5 लाख रुपये कमाए। उसके अगले महीने 0022 नंबर के पंजीकरण संख्या पांच लाख में नीलाम हुई। जून में विभाग ने 21.7 लाख रुपये कमाए। 0002 नंबर के लिए उच्चतम बोली 3.4 लाख रुपये रही। जुलाई में इसी श्रृंखला की बोली 7.1 लाख रुपये तक गई थी। सितंबर में 0003 और 0007 नंबर के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रत्येक की बोली 3.1 लाख रुपये की थीं।

जून 2017 में दिल्ली की एक हॉस्पिटैलिटी फर्म ने एक रिकॉर्ड बनाया था जोकि अब तक टूटा नहीं था। फर्म ने फैंसी पंजीकरण संख्या 0001 के लिए 16 लाख रुपये का भुगतान किया था। इससे पहले का रिकॉर्ड 12.5 लाख रुपये का था, जिसे सितंबर 2014 में फिर से हासिल किया गया था। 0001 नंबर अब श्रृंखला से बाहर चला गया है। एक अधिकारी ने कहा कि दूसरे नंबर 0009 और 0007 थे। फैंसी पंजीकरण संख्या के लिए ऑनलाइन ई-नीलामी सुविधा 2014 में शुरू की गई थी। यह परिवहन विभाग की ओर से दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाता है।

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जुलाई में विभाग ने ई-नीलामी के माध्यम से 33.8 लाख रुपये कमाए जिसमें 7.1 लाख रुपये की बोली भी शामिल है। अगस्त में गाड़ियों की संख्या में थोड़ा गिरावट आई और फैंसी नंबरों की ई -नीलामी के माध्यम से अर्जित कुल राजस्व 33.3 लाख रुपये था। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि ई-नीलामी के आंकड़े, जो महीने के अंत में गणना की जाएगी, मार्च के बाद से उच्चतम होगा। वाहनों की खरीद के विपरीत, फैंसी पंजीकरण संख्या खरीदना एक अपव्यय है। तथ्य यह है कि वाहन मालिकों को एक फैंसी नंबर पर खर्च करने में कोई दिक्कत नहीं है। यह दर्शाता है कि खरीदार का विश्वास धीरे-धीरे फिर से उभर रहा है।

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