नवरात्रों के नौ दिन, जानिए कौन-से रंग होगे खास

नवरात्र को साल का एक बड़ा धार्मिक त्यौहार माना जाता है।

25 मार्च से माता रानी के नवरात्र के आरंभ हो रहे हैं। इन नौ दिन नवरात्रों में देवी की आराधना की जाती हैं। नवरात्र का पर्व मां की आराधना का पर्व होता है। इन दिनों देवी की पूजा करने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। नवरात्र को साल का एक बड़ा धार्मिक त्यौहार माना जाता है। साथ ही इन दिनों साधना करने से विशेष फल मिलता है। नवरात्र के पूरे नौ दिन माता के पसंद के फूल, फल, मिठाइयां चढ़ाई जाती हैं। विधि-विधान करने से पूजा करने से माता प्रसन्न होकर अपने भक्तों की झोली भरती है। वहीं इन नौ दिनों में रंगों का भी विशेष महत्व है। तो आइए बताते है, नवरात्र के नौ अलग-अलग रंग…

पहला नवरात्र का दिन

प्रतिपदा तिथि का रंग पीला है। यह रंग देवगुरु बृहस्पति का रंग है। पीला रंग को मुख्य रूप से पूजा-पाठ में उपयोग किया जाता है। इसके अलावा इस रंग को वैराग्य से जोड़ा जाता है साथ ही यह रंग पवित्रता और मित्रता की निशानी भी होती हैं।

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दूसरा नवरात्र का दिन

द्वितीया तिथि का रंग हरा है। हरा रंग बुध ग्रह का प्रतीक माना जाता है। हरे रंग से मानव मन पर काफी अच्छा असर पड़ता है। इसके अलावा जिंदगी में प्रेम बढ़ता है और खुशियों का आगमन होता है।

तीसरा नवरात्र का दिन

तृतीया तिथि का रंग भूरा है। यह रंग व्यक्ति के भ्रम की बाधा को दूर रखने का काम करता है। साथ ही यह रंग भ्रम का निवारण करने में भी सहायक है। असमंजस की स्थिति से छुटकारा दिलाने में कामगार है।

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चौथा नवरात्र का दिन

चतुर्थी तिथि का रंग नारंगी है। नारंगी रंग ज्ञान, ऊर्जा, शक्ति, प्रेम और आनंद का प्रतीक माना जाता है। यह लाल और पीले रंग के समावेश से बनता है।

पाचंवा नवरात्र का दिन

पंचमी तिथि का रंग सफेद है। सफेद रंग शांति, सदभाव और सादगी का प्रतीक माना जाता है। यग रंग चंद्रमा और शुक्र से संबंधित हैा

छठा नवरात्र का दिन

षष्ठी तिथि का रंग लाल है। लाल रंग मंगल और सूर्य दोनों का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा लाल रंग प्रेम, उत्साह और साहस का प्रतीक भी माना जाता है, लेकिन घर में लाल रंग का पेंट करना शुभ नहीं माना जाता है।

सांतवा नवरात्र का दिन

सप्तमी तिथि का रंग नीला है। नीला रंग सामाजिक क्षेत्र के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है। सामाजिक क्षेत्र में इसका विशेष प्रभाव होता है और यह राहु का रंग है।

आठवां नवरात्र का दिन

अष्टमी तिथि का रंग गुलाबी है गुलाबी रंग को शुक्र, चंद्र और मंगल तीनों का प्रतीक माना जाता है। बता दें कि इस रंग से सबसे ज्यादा शुक्र प्रभावित होता है। इससे शारीरिक बल में वृद्धि होती है।

नवां नवरात्र का दिन (अंतिम दिन)

नवमी तिथि का रंग बैगनी है। इस रंग से जीवन में ओज की वृद्धि होती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यह हिंसक रंग है, जबकि धार्मिक कार्यों में इसका उपयोग किया जाता है। इसके अलावा बैगनी रंग नकारात्कता को दूर करने में भी कामगार है।

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