कल के दिन पाएं सारी बीमारियों से छुटकारा करें, ये पूजा

आपको बता दें कि शीतला माता का स्वरूप उनके नाम की तरह ही काफी शीतल है

तमाम तरह की बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए कल का दिन हिन्दू पंचांग के अनुसार काफी खास हैं। बता दें कि कल यानी 16 मार्च शीतला अष्टमी का पर्व है। यह दिन हर साल हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन मनाया जाता है, साथ ही इस दिन बसोड़ा पूजन भी किया जाता है। इसलिए इस दिन को बसौड़ा व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इसको लेकर धार्मिक और वैज्ञानिक रूप से बात करें तो ये दोनों में बहुत महत्वपूर्ण है। इस व्रत को करने से माता शीतला के प्रति उनके भक्तों की आस्था, श्रद्धा और समर्पण को दिखाता है, तो दूसरी ओर व्रत को करने से अनेक तरह की बीमारियां भी दूर होती हैं।

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पौराणिक शास्त्रों और वैज्ञानिक महत्व

स्कंद पुराण में शीतला अष्टमी और मां शीतला के महत्ता का पूर्ण रूप से उल्लेख किया गया है। इसे कई लोग एक दिन पहले यानी आज सप्तमी के दिन इस दिन को मनाते हैं। इसलिए दोनों ही दिन माता शीतला के नाम समर्पित हैं। शीतला माता की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा धार्मिक मान्यता के अनुसार भी ये दिन बहुत खास है, आपको बता दें कि शीतला माता का स्वरूप उनके नाम की तरह ही काफी शीतल है, इस दिन जो लोग सच्चे दिल और विधि-विधान से पूजा करते है उन भक्तों के कष्टों को माता दूर करती हैं। बता दें कि शीतला माता के हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते होते है और गधे की सवारी करके आती है। दूसरी ओर वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार, इस दिन शीतला माता की पूजन करने से चेचक, खसरा, बड़ी माता, छोटी माता जैसी बीमारियां नहीं होती इसके अलावा जिन लोगों इस बीमारी से ग्रसित हैं उन्हें भी छुटकारा मिलता है।

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